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Ghaziabad News: भारी वाहनों से गायब एचएसआरपी, फिटनेस में भी हो रहा है खेल

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माई सिटी रिपोर्टर



गाजियाबाद। सड़कों पर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के सरकारी दावों की भारी व्यावसायिक वाहन धज्जियां उड़ा रहे हैं। परिवहन विभाग के सख्त नियमों के बावजूद जिले में बड़ी संख्या में भारी वाहनों से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) गायब हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि बिना एचएसआरपी के व्यावसायिक वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जा सकता, फिर भी विभागीय सांठगांठ से यह खेल धड़ल्ले से चल रहा है। करीब 2,350 ट्रक और बसें ऐसी हैं, जिन्होंने अब तक एचएसआरपी नहीं लगवाया है और इनमें से कई वाहनों का विभाग के पास कोई सुराग तक नहीं है।



नियमों के मुताबिक, किसी भी व्यावसायिक वाहन चाहे वह बस हो, ट्रक या डंपर का फिटनेस टेस्ट तभी पास हो सकता है जब उस पर अनिवार्य रूप से एचएसआरपी लगी हो और उसका ऑनलाइन सत्यापन हो चुका हो। इसके बावजूद फिटनेस जांच केंद्रों पर भौतिक सत्यापन किए बिना ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए जाने का अंदेशा है। विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज 2,350 भारी वाहनों द्वारा अब तक नंबर प्लेट न लगवाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी खतरे की घंटी है। एचएसआरपी न होने से दुर्घटना, हिट एंड रन या किसी आपराधिक वारदात की स्थिति में इन भारी वाहनों को ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि इनमें से कई गाड़ियां या तो अवैध रूप से दूसरे राज्यों में चलाई जा रही हैं या फिर अपनी मियाद पूरी कर अवैध स्क्रैप कारोबार का हिस्सा बन चुकी हैं।
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जांच के घेरे में फिटनेस सेंटर : बिना नंबर प्लेट फिटनेस जारी होने का मामला सामने आने के बाद अब आरटीओ कार्यालय और निजी फिटनेस सेंटर संदेह के घेरे में हैं। अगर बिना प्लेट गाड़ियां का फिटनेस हो रहा है, तो साफ है कि निरीक्षण के दौरान ली जाने वाली तस्वीरों और ऑनलाइन डेटा में बड़े पैमाने पर हेरफेर की जा रही है।
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बिना एचएसआरपी किसी भी व्यावसायिक वाहन को फिटनेस जारी करना पूरी तरह गैरकानूनी है। रिकॉर्ड में दर्ज ऐसे सभी वाहनों की सूची तैयार की जा रही है जिन्होंने नंबर प्लेट नहीं ली है। इन वाहनों के मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे और फिटनेस सेंटरों के रिकॉर्ड की भी तकनीकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।



-डॉ. सियाराम वर्मा, आरटीओ प्रवर्तन
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