दिलशाद गार्डन टू नया बस अड्डा मेट्रो निर्माण के लिए आवास एवं विकास परिषद अपने हिस्से की बाकी बची 350 करोड़ रुपये की राशि का एक वर्ष के अंदर डीएमआरसी को भुगतान करेगा। परिषद में अभी तक महज 50 करोड़ रुपये का भुगतान डीएमआरसी को किया है, जबकि उसे 400 करोड़ रुपये देने हैं। इसके साथ ही मेट्रो निर्माण को रफ्तार मिलेगी।
जीडीए पिछले एक वर्ष से आवास एवं विकास परिषद से मेट्रो निर्माण की फंडिग राशि मांग रहा है। जिसके लिए शासन की ओर से भी परिषद को बकाया राशि का जल्द भुगतान करने के लिए पत्र लिखा गया, लेकिन परिषद ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी थी।
फंड की कमी के चलते मेट्रो के निर्माण में देरी हो रही थी, जिसके चलते परिषद से शासन स्तर पर लगातार बकाया देने के लिए कहा जा रहा था। इस पर शुक्रवार को आवास आयुक्त महेंद्र प्रसाद ने एक वर्ष के अंदर परिषद की ओर से बकाया राशि का भुगतान कर देने का एलान किया।
उन्होंने बताया कि अभी तक आवास एवं विकास परिषद डीएमआरसी को 50 करोड़ रुपये पहले ही दे चुका है, जिसके बाद से परिषद में पास फंड की कमी चल रही थी। इसकी वजह से भी भुगतान नहीं हो पा रहा था। डीएमआरसी को दिलशाद गार्डन टू नया बस अड्डा मेट्रो के लिए अवस्थापना निधि से से भुगतान किया जाएगा, जिसमें करीब एक वर्ष का वक्त लगेगा।
परिषद जल्द से जल्द भुगतान करने की कोशिश करेगा।
आवास विकास पिछले कई महीनों से फंड की कमी से जूझ रहा है। आवास विकास के सैकड़ों फ्लैटों बने पड़े हैं, लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में अवस्थापना मद ही एकमात्र विकल्प बचा है। डीएमआरसी को 1484 करोड़ रुपये दिए जाने है, यह राशि जीडीए, आवास एवं विकास परिषद, यूपीएसआईडीसी और नगर निगम को मिलकर देनी है।