नगर निगम बोर्ड की सहमति के बाद शनिवार से हाउस टैक्स जमा करने वालों को 20 फीसदी की छूट फिर से मिलनी शुरू हो गई है। मेयर और पार्षदों के हस्तक्षेप के बाद प्रभारी नगर आयुक्त डीके सिन्हा ने सभी जोनल अधिकारियों को छूट देने के लिखित आदेश भेज दिए हैं।
हालांकि निगम अधिकारियों ने सदन का यह निर्णय नगर विकास विभाग को भेज दिया है। 31 मार्च तक दी जाने वाली 20 फीसदी छूट शासन के निर्देशों के अधीन होगी। इस मामले में लखनऊ से होने वाला अंतिम निर्णय ही मान्य होगा।
निगम अधिकारी छूट देने के इस निर्णय को लागू करने में आनाकानी कर रहे थे। शनिवार को महापौर अशु वर्मा, निगम पार्षद राजेंद्र त्यागी, मुकेश त्यागी, प्रवीन चौधरी, भाजपा पार्षद दल नेता मनवीर नागर समेत कई पार्षद निगम पहुंचे। उन्होंने निगम अधिकारियों पर इस आदेश को शनिवार से ही लागू कराने का दबाव बनाया।
प्रभारी नगर आयुक्त डीके सिन्हा, उप नगर आयुक्त एसके तिवारी और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सुनील राय ने मीटिंग की। इसके बाद पत्रावली पर प्रभारी नगर आयुक्त और मेयर अशु वर्मा के संयुक्त हस्ताक्षर के बाद आदेश जारी कर दिए गए।
इस आदेश के मुताबिक 1 दिसंबर 2015 से 18 मार्च 2016 तक की अवधि में जमा किए गए संपत्ति कर पर छूट नहीं दी जाएगी और न ही इसका समायोजन किया जाएगा। प्रभारी नगर आयुक्त के मुताबिक छूट को इस प्रतिबंध के साथ लागू किया गया है कि यह प्रकरण शासन को भेज दिया गया है।
अगर शासन ने निगम बोर्ड का छूट देने का यह निर्णय खारिज कर दिया तो लोगों को अगले साल हाउस टैक्स के साथ यह रकम निगम को देनी होगी।