रिहायशी इमारतों के बीच राजनगर एक्सटेंशन में अब होटल भी बनेगा। एक निजी फर्म ने नूर नगर के रेजीडेंशियल प्लाट का लैंड यूज बदलने और होटल का नक्शा पास किए जाने के लिए जीडीए में आवेदन किया है। जीडीए ने लैंडयूज बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फर्म ने नूरनगर के खसरा संख्या-1108 की करीब 5 हजार वर्ग मीटर जमीन पर होटल बनाने की इच्छा जताई है। यह भूमि रिहायश में दर्ज है। ऐसे में नक्शा पास करने से पहले इसका भू-उपयोग बदला जाएगा। फर्म के आवेदन पर जीडीए ने लैंडयूज बदलने से पहले आपत्तियां मांगी थीं। इस पर केवल दो लोगों ने आपत्तियां की हैं।
लैंडयूज बदलने के लिए जीडीए वीसी विजय कुमार यादव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। इसमें डीएम कार्यालय का एक प्रतिनिधि, नगर आयुक्त, चीफ टाउन प्लानर, जीडीए ओएसडी, जीडीए चीफ इंजीनियर, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के चीफ कोआर्डिनेटर प्लानर और जीडीए बोर्ड सदस्य जेपी कश्यप भी शामिल हैं।
बुधवार को इन दोनों आपत्तियों पर सुनवाई की गई। जीडीए सचिव रवींद्र गोडबोले का कहना है कि सभी प्रक्रिया पूरी कर लैंड यूज बदला जाएगा। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।