हॉट सिटी में किशोरों और युवाओं को नशा निगल रहा है। पार्कों में चरस, गांजा, शराब पीते और फ्लूड सूंघते किशोर-युवा मिल जाएंगे। नशे के कारोबारियों के टारगेट पर 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाले छात्र हैं। इन्हें आसानी से चरस-गांजे की लत लगाई जा रही है।
नशे के दलदल में फेंके जा रहे किशोरों और युवाओं के माता-पिता की चिंता बढ़ गई है। अपने बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान माता-पिता ने फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन को इस बारे में बताया।
एओए ने इस मसले को डीएम विमल कुमार शर्मा के सामने उठाते हए नशे के कारोबारियों की धरपकड़ की मांग की थी। आरडब्ल्यूए ने पुलिस से भी गुहार लगाई गई है।
दिल्ली बार्डर से सटी कालोनियों में फल फूल रहा है कारोबार: कौशांबी, इंदिरापुरम, शालीमार गार्डन, छाबड़ा कॉलोनी, विक्रम एंक्लेव, पप्पू कालोनी ऐसे इलाके हैं, जो दिल्ली से लगभग सटे हुए हैं।
इन कालोनियों में नशे का कारोबार सबसे ज्यादा फलफूल रहा है। खोखों और झुग्गियों से नशे का कारोबार चल रहा है। 300 से 400 रुपये में नशे की एक पुड़िया आसानी से मिल जाती है।
आरडब्ल्यूए ने व्हाट्स एप पर छेड़ी मुहिम: शालीमार गार्डन में आरडब्ल्यूए ने व्हाट्स एप पर नशा करने वाले किशोरों और युवाओं के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। पार्कों में नशा करते पाए जाने पर इन्हें रोका जाता है। नशा करने वालों का फोटो खींचकर व्हाट्स एप ग्रुप पर शेयर करने के साथ ही पुलिस को सूचना दी जाती है।
- बोले लोग:
खोखों और झुग्गियों की जांच जरूरी है। बच्चों को नशे के दलदल में धकेल रहे रैकेट पर रोक चाहिए। जिलाधिकारी और पुलिस से इस मामले में शिकायत की गई है। - आलोक कुमार, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ एओए।
स्कूल में पढ़ने वाले छात्र पार्कों में नशा कर पड़े रहते हैं, इन्हें नशे से छुटकारा दिलाना एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है। - पराग चौधरी, शालीमार गार्डन।