गाजियाबाद। दूधेश्वरनाथ कॉरिडोर परियोजना में रफ्तार आने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दूधेश्वरनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित दूधेश्वरनाथ कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से अब तक हुए कार्यों की जानकारी भी ली।
उन्होंने कॉरिडोर निर्माण में तेजी लाने के लिए दुकानों को नियमानुसार जल्द शिफ्ट कराने और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का निरीक्षण भी किया और कॉरिडोर से जुड़े कार्यों की प्रगति रिपोर्ट तलब की। उन्होंने गाजियाबाद दौरे के दौरान जनसभा में भी दूधेश्वरनाथ कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए इसे जल्द पूरा कराने की बात दोहराई।
छह करोड़ रुपये जारी, दुकानें हटते ही शुरू होगा निर्माण
दूधेश्वरनाथ कॉरिडोर परियोजना के लिए करीब छह करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। फिलहाल योजना प्रारंभिक चरण में है। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए मंदिर के आसपास स्थित दुकानों को हटाया जाना है। प्रशासन दुकानदारों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश दुकानदारों से बातचीत पूरी हो चुकी है और जल्द ही उन्हें स्थानांतरित करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके बाद कॉरिडोर निर्माण कार्य गति पकड़ सकेगा।
बटुकों से किया संवाद, संस्कृत को बताया ज्ञानधारा की वाहिका
पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में वेद अध्ययन कर रहे बटुकों और संस्कृत विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक संस्कृति और संस्कृत भाषा के संरक्षण को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की सनातन ज्ञानधारा की वाहिका है। इसके बाद मुख्यमंत्री वेद विद्यापीठ के रजत जयंती समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम के समापन पर संतों के भंडारे का भी आयोजन किया गया। यहां से मुख्यमंत्री का काफिला बुलंदशहर के लिए रवाना हो गया।
मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर पहुंच कर शिवलिंग पर जलाभिषेक के बाद महंत नारायण गिरी को पट
मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर पहुंच कर शिवलिंग पर जलाभिषेक के बाद महंत नारायण गिरी को पट