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होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 6.33 बजे

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होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6.33 बजे
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माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। होलिका दहन रविवार को है। शहर में विभिन्न स्थानों पर लगभग 2000 होलिका जलाई जाएंगी। शहर में सबसे बड़ी होलिका होली वाली गली में जलाई जाती है। इसके लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। होली वाली गली में भी होलिका दहन की तैयारियां चल रही हैं। कोरोना के मद्देनजर सभी कोरोना के नियमों का पालन करते हुए होलिका पूजन कर सकें और होलिका दहन कर सकें इसके लिए मास्क आदि की भी व्यवस्था की गई है।
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होली वाली गली में 50 क्विंटल लकड़ी की होलिका
चौपला स्थित तेली वाली गली को होली वाली गली कहा जाता है। शहर की सबसे बड़ी और पुरानी होली यहां जलने के बाद इसका नाम होली वाली गली पड़ गया। होलिका दहन के संचालक उस्ताद अशोक गोयल ने बताया कि लगभग 90-91 साल से यहां होलिका जलाई जाती है। इस बार 50 क्विंटल लकड़ियों की होली जलाई जाएगी और छोटी होली पर 10 क्विंटल हलवे का प्रसाद बांटा जाएगा। होली वाली गली में रात को 10:00 बजे होलिका जलेगी। उन्होंने बताया कि होलिका दहन में कोविड के नियमों का पालन हो सके इसलिए सभी को मास्क लगाकर आने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा समिति की तरफ से दो हजार मास्क भी खरीदे गए हैं। यह मास्क पूजन करने आने वाले और होलिका दहन करने आने वाले लोगों को बांटी जाएगी।
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इनसेट:
शाम 6.33 बजे से है होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
28 मार्च रविवार को होलिका दहन की पूजा सुबह से ही शुरू हो जाएगी लेकिन दोपहर 1:51 बजे तक भद्रा रहेगी और शाम को 4:30 बजे से 6:00 बजे तक राहु काल होगा। इसलिए होलिका पूजन दोपहर दो बजे से साढ़े चार बजे तक ही कर पाएंगे। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि रविवार को 5:35 बजे तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र है। रविवार को उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र होने से मित्र योग यानि सर्वार्थ सिद्धि योग बनता है। मित्र योग में होलिका पूजन का विशेष महत्व रहेगा। उन्होंने बताया कि दोपहर 1:51 तक भद्रा रहेगी और शाम को 4:30 बजे से 6:00 बजे तक राहु काल होगा। इसके बीच की अवधि दो घंटे 39 मिनट में ही महिलाओं को होली पूजन करना चाहिए। अपनी संतान की कुशलता, लंबी आयु एवं उन्नति के लिए महिलाएं होली का विधिवत पूजन करती हैं इसलिए शुभ मुहूर्त में ही होली पूजन करना श्रेयस्कर होगा। होलिका दहन के लिए शाम 6:33 बजे से रात्रि 12:22 तक अच्छा मुहूर्त है।
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होलिका में डालें कपूर
होलिका दहन में आजकल लोग टायर, प्लास्टिक की बेकार वस्तुएं सहित घर का कबाड़ जलाते हैं जिसकी वजह से वायु प्रदूषण फैलता है। आरडब्ल्यूए ने सभी से अपील की है कि इस बार होलिका में गोबर के उपले और सूखी लकड़ियां ही जलाएं। आरडब्ल्यूए फेडरेशन के चेयरमैन टीपी त्यागी ने बताया कि इस बार सबसे अपील की गई है कि टायर आदि जलाकर प्रदूषण न फैलाएं। हो सके तो होलिका में कपूर भी डालें।
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