हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार और इसके महत्व को उजागर करने के लिए बृहस्पतिवार को कविनगर रामलीला मैदान में हिंदू आध्यात्मिक मेले का शुभारंभ हुआ। मेले का शुभारंभ जूना अखाड़ा के आचार्य पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरी और मेले के अखिल भारतीय समन्वयक गुणवंत कोठारी ने किया।
अवधेशानंद गिरी ने कहा कि इस प्रकार के मेले जनजागृति का सशक्त माध्यम हैं। इस तरह के आयोजन से न केवल धर्म का प्रचार बल्कि समाज में फैल रही कुरीतियों एवं अनाचार पर भी अंकुश लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हिंदू का जीवन दर्शन बहुत समृद्ध है, जिसमें जीवन आधार प्रकृति है, प्रकृति प्रेम, भक्ति प्रेम और सद्भावना समाहित है। नई पीढ़ियों को हिंदू जीवन दर्शन कराना अनिवार्य है ताकि वे अपनी गरिमा को समझ सकें।
आरएसएस के सह सरकार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल ने कहा कि हिंदू जीवन दर्शन का सजीव प्रकटीकरण इस मेले के माध्यम से करना बेहतर सोच को प्रदर्शित करता है। बता दें कि हिंदू आध्यात्मिक मेले में 150 से अधिक सामाजिक संस्थाओं द्वारा स्टाल लगाकर अपने द्वारा किए जा रहे परसेवा के कार्यों को प्रदर्शित किया गया है।
मेले में रामकृष्ण मिशन, सेवा भारती, पतंजलि योग पीठ, गौरक्षा सेवा दल, ब्रह्मकुमारी, आर्ट ऑफ लीविंग, वनवासी कल्याण आश्रम, नारायण सेवा संस्थान, दिव्या ज्योति जागृति संस्थान, राष्ट्रीय सिख संगठन आदि सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा अपने द्वारा किए जा रहे कार्यों को स्टाल के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है।
बता दें कि इस मेले के तहत प्रतिदिन लोक संस्कृति और भारतीय परंपरागत कार्यक्रमों का आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में सरदार अवतार सिंह, स्वामी ज्ञानानंद महाराज, मेयर अशु वर्मा, सुशील, आलोक, विपिन त्यागी आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।