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Ghaziabad News: 28 गांवों में पहुंची हिंडन खाली कराए गए मकान

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गाजियाबाद। किनारों से निकलकर हिंडन का पानी शुक्रवार को 28 गांवों में पहुंच गया। नदी किनारे के गांवों में प्रशासन मुनादी कराकर घरों को खाली करा रहा है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। एनडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया है। पानी में फंसे 100 लोगों को टीम ने बाहर निकाला।
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हिंडन में उफान दो दिन पहले ही आया है। सबसे पहले मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र में नदी किनारों से बाहर निकली। इसके बाद सिटी फोरेस्ट में पानी भर गया। जीडीए ने बृहस्पतिवार को सिटी फोरेस्ट को बंद करा दिया था। शुक्रवार को नदी का पानी अटौर गांव में पहुंचा। सिटी फोरेस्ट के पीछे की कालोनियों में भी जलभराव हो गया। यहां के निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि पानी इतनी तेजी से बढ़ने लगा है कि शाम तक डर के मारे लोग घर खाली करके अपने रिश्तेदारों के यहां जाने लगे।



रात सी भरने लगा पानी



अटौर गांव के पूर्व प्रधान रनबीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात से पानी भरने लगा था। रात में मुनादी कराकर डूब क्षेत्र में बसे परिवारों को वहां से घर खाली करने को कहा गया था। शुक्रवार को पानी अधिक भरने के बाद प्रशासन के अधिकारी और एनडीआरफ की टीम ने मौके पर पहुंच गई है।
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दो जगह बनाए शिविर

सिटी फॉरेस्ट के पास और अटौर गांव में प्रशासन ने अस्थायी शिविर बनाए हैं। लोगों के खानेपीने का इंतजाम भी किया गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि सहारनपुर की तरफ से पानी आने के कारण जल स्तर बढ़ा है। वहां से पानी का रुख मोड़ा जा रहा है।








खेतों में भरा हिंडन का पानी, फसल हो गई बर्बाद



मुरादनगर। लगातार हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। नदी किनारे बसे सुराना, सुठारी, नेकपुर, बिहंग, भदौली, रेवड़ी-रेवड़ा आदि गांवों के खेतों में जलभराव हो गया है। बताया गया है कि आठ गांवों में हिंडन नदी का पानी पहुंच गया है, जिसके कारण हजारों बीघा फसल नष्ट हो गई है। प्रशासन से ग्रामीणों ने सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है।



बारिश के चलते हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के खेतों में पानी भर गया है। जिससे कारण किसानों की फसल नष्ट हो रही है। इतना ही नहीं पशुओं के सामने भी चारा का संकट आ गया है। जिला पंचायत सदस्य मीनू यादव के पति व सपा नेता विकास यादव ने बताया कि आठ गांवों की पांच हजार बीघा से अधिक फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। एसडीएम संतोष राय का कहना है कि हिंडन नदी किनारे बसे गांवों पर नजर बनाए हुए हैं। कानूनगो व लेखपाल गांवों का दौरा कर रहे है। वहीं किसान कांग्रेस कमेटी प्रदेश सचिव रूपेश त्यागी, सुरेंद्र त्यागी, नईम तयागी, आरिफ, अजय गुप्ता, सुभाष त्यागी आदि नेकपुर गांव पहुंचे और पीड़ित ग्रामीणों से मिले। उन्होंने हिंडन नदी में अचानक छोड़े गए पानी से हुए नुकसान का जायजा लिया। प्रशासन से मांग की है कि किसानों को मुआवजा दिया जाए। वहीं एसडीएम ने बताया कि आबादी क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है। राहत चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी तैनात है।


पहले 1978 आई थी ऐसी बाढ़



सपा नेता विकास यादव ने बताया कि 1978 के ऐसी बाढ़ आई थी। इसके बाद अब दोबारा नदी में इतना पानी आया है। जनपद के मतौर, मोहम्मदपुर, कुन्हैंडा, सुराना, सुठारी, नेकपुर, भदोली रेवड़ी गांव आदि हिंडन नदी के पानी से प्रभावित हुए है। खेतों में जलभराव से किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है।
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