गाजियाबाद। मेरठ रोड स्थित क्लाउड रेंटल की सेवाएं देने वाली एक फर्म द्वारा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करने पर जीएसटी टीम ने पांच करोड़ की कर चोरी का मामला पकड़ा है। चोरी पकड़े जाने पर फर्म की ओर से जीएसटी जमा कराया गया है। एडिशनल कमिश्नर वाणिज्यकर गोविंद सिंह बुधियाल ने बताया कि मैसर्स जी-बाइट रेंटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के संचालक की ओर से 10 करोड़ का आईटीसी क्लेम पोर्टल पर किया गया था। फर्म द्वारा दिल्ली की फर्मों से उपकरण खरीदना दर्शाया गया था। पोर्टल पर डाटा विश्लेषण और आईटी टूल्स के माध्यम से जांच करने पर दिल्ली की फर्मों का पता फर्जी पाया गया। अस्तित्वहीन फर्मों की पुष्टि होने पर उद्यमी से पांच करोड़ जमा कराया गया है। फर्म द्वारा ग्राहकों को किराए पर क्लाउड की सेवा दी जा रही थी। इस सेवा के लिए फर्म को जीएसटी जमा करना था। फर्म ने जीएसटी की देयता से बचने के विभिन्न फर्मों से आईटीसी का दावा किया गया था। फर्म द्वारा अपना सर्वर नेटवर्क बनाया गया था।