घरों के ऊपर या नजदीक से गुजर रही हाईटेंशन लाइनें हादसों को न्यौता दे रही हैं। जर्जर हाईटेंशन लाइनों के टूटकर घरों पर गिरने या रेजिडेंट्स के इनकी चपेट में आने का खतरा हमेशा बना रहता है। रेजिडेंट्स की जान के लिए खतरा बनी इन हाईटेंशन लाइनों को यहां से हटवाने की फिक्र पावर कारपोरेशन को नहीं है।
न्याय खंड-2 में फ्लैटों के नजदीक से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राजेंद्र पाठक ने बताया कि कुछ वर्ष पहले हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। बच्चों के इन तारों की चपेट में आने का खतरा हमेशा बना रहता है।
वहीं, अर्थला में भी घरों की छतों के ऊपर से तार गुजर रहे हैं। न्याय खंड-1 निवासी अशोक रावत ने बताया कि ज्यादातर इलाकों में हाईटेंशन तार छतों पर लटकने लगे हैं। इनके टूटने या किसी के इनसे टच होने का खतरा हमेशा बना रहता है।
विशेषकर बरसात में हाईटेंशन लाइनों की वजह से घरों में करंट उतरने का खतरा रहता है। अर्थला में पिछले वर्ष हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो युवक झुलस गए थे और न्याय खंड में एक युवक की मौत हो गई थी।
वहीं, पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन राजेश तोमर का कहना है कि पुरानी लाइनों को बदलने का काम किया जा रहा है। जिन इलाकों में लाइनें मकानों के पास से गुजर रहीं हैं वहां लाइनों को शिफ्ट करने की योजना बनाई जाएगी।