खोड़ा। खोड़ा में बिजली की हाई टेंशन और 11 हजार केवी लाइन लोगों के घरों में मौत बनकर झूल रही है। लापरवाही का आलम यह है कि अधिकारी हादसे के बाद जागते हैं और फिर खानापूर्ति करके सो जाते हैं। यह कोई पहली बार हादसा नहीं हुआ है। यदि निगम या संबंधित विभाग समय रहते ठोस कदम उठाए तो हादसों को रोका जा सकता है। हीलाहवाली के कारण हर साल कई हादसे होते हैं।
दरअसल, खोड़ा में सरस्वती कॉलोनी, पवन विहार, प्रताप विहार और खोड़ा गांव समेत कई क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। करीब तीन लाख आबादी प्रभावित है। खोड़ा में लाइन बिछाने से पहले ही कुछ मकान बना दिए गए थे। वहीं कुछ मकान लाइन बिछाने के बाद बनाए गए हैं। लेकिन हाईटेंशन लाइन अब नीचे झूल रहीं हैं। घरों के बाहर से एलटी लाइन के तारों को लोहे के एंगल से दूर करने का प्रयास किया गया है। हालांकि लोहे की एंगल बिजली के संपर्क में आने पर हादसे का कारण बन जाती है। इस तरह एक साल में करंट दो दो लोगों की जान जा चुकी है। एलटी लाइन में शार्ट सर्किट की वजह से इमारत आग की चपेट में आई तो एक ही परिवार के चार लोगों की जान भी जा चुकी है।
खोड़ा में करंट के मामले
- जनवरी 2026 में ट्रांसफार्मर में विस्फोट से लगी आग से पांच लोग करंट से झुलसे।
- वर्ष 2026 में पांच मंजिला इमारत में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, चार लोगों की मौत।
- सितंबर 2025 में करंट लगने से युवक के हाथ पैर की उंगलियां बुरी तह झुलस गईं।
- जुलाई 2025 में मीटर लगाते समय करंट से झुलसे संविदा कर्मी की हुई थी मौत।
क्या बोले लोग
हाईटेंशन लाइन मकानों की छत व बालकनी से टच हो रही है और करंट की चपेट में आए दिन लोग आते रहते हैं।-दीपक जोशी, केआरए अध्यक्ष
बांस-बल्लियों से बिजली के तारों को नीचे आने से रोका हुआ है। इस तरह की लापरवाही से भी कई बार करंट लग सकता है।- देवनाथ, निवासी
पीवीसी इंसुलेटेड केबल डालने के लिए निगम को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद केबल लगाई जाएगी। राजेश प्रजापति, अवर अभियंता, ऊर्जा निगम खोड़ा