साहिबाबाद। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए यूपी गेट पर की गई सीमेंट और लोहे के कंटीले तारों की बैरिकेडिंग हजारों लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई। मंगलवार को सुबह से ही यूपी गेट पर ट्रैफिक जाम हो गया। वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर पांच मिनट की दूरी एक घंटे में पूरी हुई। नोएडा जाने वाले लेन पर भी बुरा हाल रहा।
पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर सबसे ज्यादा सख्ती की है। एक्सप्रेसवे की तो सिर्फ एक ही लेन पर ट्रैफिक चलने दिया गया। हालांकि, कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाने पर दोपहर को एक-एक लेन और खोली गई। एनएच-9 पर दोनों ओर की सर्विस लेन बंद कर दी गई है। लोग रास्ते बदलकर दिल्ली और नोएडा जा रहे हैं। इससे नोएडा के सेक्टर-62 वाले रास्ते पर दिनभर जाम लगा रहा।
वाहन चालकों को आनंद विहार बाॅर्डर, मोहननगर तिराहा होते हुए दिल्ली जाना पड़ा। वाहनों का दबाव वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी और खोड़ा की अंदरूनी सड़कों पर भी रहा। लिंक रोड, सीआईएसएफ, जीटी रोड और आनंद विहार प्वाइंट पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही।
एडीसीपी यातायात वीरेंद्र कुमार ने बताया कि यूपीगेट बॉर्डर समेत सभी बिंदुओं पर पुलिसकर्मी तैनात रहे।
जाम में फंसी एंबुलेंस
यूपी बॉर्डर पर एनएच-9 बंद होने और महाराजपुर, दिलशाद गार्डन, दिल्ली वजीराबाद व लोनी बॉर्डर पर बैरिकेड लगाने से जाम में वाहनों के साथ एंबुलेंस भी फंसीं रहीं। इस कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। हालांकि यातायात पुलिसकर्मी एंबुलेंस को निकलवाने में भी जुटे रहे। दिनभर में दस से ज्यादा एंबुलेंस को जाम का सामना करना पड़ा।
दूर हो गई दिल्ली
जेब पर पड़ा बोझ
साहिबाबाद ।
दिल्ली और यूपी में दूध,पानी, ब्रेड, सब्जी समेत अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति करने वाले वाहनों को भी करीब पांच से सात किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर कौशांबी-आनंद विहार, अप्सरा बॉर्डर-दिलशाद गार्डन या तुलसी निकेतन के रास्ते आवागमन करना पड़ा। यूपी गेट एनएच नौ की डाउन लाइन बंद होने से वाहन चालक खोड़ा, महाराजपुर बाॅर्डर व मोहनगर होते हुए दिल्ली पहुंचे। पांच से दस किलोमीटर का चक्कर काटने से ईंधन की अधिक खपत के साथ समय भी ज्यादा लगा। किलोमीटर बढ़ने से ऑटो और कैब चालकों ने अधिक किराया वसूला। इससे लोगों की जेब ढीली होती रही।
घर से काम की ली अनुमति
वैशाली सेक्टर चार निवासी वैभव बिंदल ने बताया कि मंगलवार को गुरुग्राम कार्यालय जाना था लेकिन यूपीगेट पर रास्ते बंद होने के कारण घर से काम करने की अनुमति ले ली। दिनभर जाम में फंसने की बजाय घर से ही काम किया जबकि नोएडा से आने वाले अन्य कंपनी कर्मी चार से पांच घंटे जाम में फंसकर कार्यालय पहुंचे।
जगह-जगह मिला जाम
सिद्धार्थ विहार निवासी नंद नेगी ने बताया कि वह मंगलवार सुबह को दिल्ली प्रगति मैदान में वर्ल्ड बुक फेयर में गए थे। सुबह को नौ बजे निकलकर ऑटो लिया। रास्ते में जगह-जगह जाम मिला। उन्होंने दोनों राज्यों की पुलिस के आपस में तालमेल का अभाव होने पर नाराजगी जताई।
मेट्रो में रही भीड़
गाजीपुर बॉर्डर पर जाम होने से मंगलवार को लोगों ने कार्यालय जाने के लिए मेट्रो का सफर किया। वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम, कौशांबी सहित आसपास के लोग दिल्ली, नोएडा अपने कार्यालय जाने के लिए मेट्रो का सहारा लिया। इंदिरापुरम निवासी अखिल ने बताया कि एक्सप्रेसवे सहित आंतरिक सड़क पर जाम होने की वजह से चारपहिया के बजाय मेट्रो की सवारी करके कार्यालय पहुंचे।
बसों का रूट बदला
एक्सप्रेसवे पर जाम लगने से मंगलवार को परिवहन निगम के कई बसों के रूट बदल दिए गए। एक्सप्रेसवे से कौशांबी बस अड्डा आ रही अधिकांश बसें कई घंटे देरी से पहुंचीं।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक केशरी नंदन चौधरी ने बताया कि गाजीपुर बॉर्डर पर रास्ता बंद होने से एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह से रोडवेज की कई बसें जाम में फंसी रहीं। बसों का रूट डायवर्ट कर शहर के अंदर से कर दिया गया।
किसान नेताओं को हिरासत में लिया
साहिबाबाद। यूपीगेट पर मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे भाकियू महात्मा टिकैत के अध्यक्ष अनिल तालान अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुुंचे। एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि तीन गाड़ियों से 10-15 किसान यूपी गेट पहुंचे थे। इनमें से अनिल तालान,मुकेश त्यागी और अनुज को थाने ले जाकर पूछताछ की गई।देर शाम सभी को सख्त हिदायत देकर वापस भेज दिया गया।
भाकियू अजगर के प्रदेश अध्यक्ष नजरबंद
साहिबाबाद। टीएचए के दिल्ली 99 सोसायटी में रहने वाले भाकियू अजगर के प्रदेश अध्यक्ष सचिन शर्मा को पुलिस ने नजरबंद रखा। शाम करीब चार बजे सचिन से पुलिस ने नजरबंदी हटाई। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष के साथ अन्य पदाधिकारी प्रवीण शर्मा, राकेश कसाना, हरवीर चौधरी, सौरभ सेन, नितिन शर्मा रहे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष सचिन शर्मा ने जिलाधिकारी संबोधित ज्ञापन सौंपा।
लोनी में भी पुलिस ने सख्ती दिखाई
संवाद न्यूज एजेंसी
लोनी। दिल्ली कूच कर रहे किसानों की आने की संभावना के चलते बागपत बॉर्डर और दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकेड लगाए। सुबह से ही अधिकारियों ने डेरा डाले रखा। बागपत लोनी बॉर्डर मंडोला पुलिस चौकी के पास लोनी और खेकड़ा पुलिस ने बैरियर लगाए। धरने पर बैठे किसानों द्वारा पंजाब की तरफ से आने वाले किसानों को मंडोला में ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए मंडोला के किसानों ने दिल्ली देहरादून कॉरिडोर सड़क पर किसानों को ठहरने का स्थान चिन्हित किया है। एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। हर हाल में किसानों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। वही लोनी में कुछ किसान संगठन के नेताओं को पुलिस ने नजरबंद किया।
यूपीगेट पर पुलिसबल
01- कंपनी पीएसी
07- क्यूआरटी
03- थाना पुलिस
01-एंबुलेंस
01- फायर टेंडर
60- ट्रैफिक पुलिसकर्मी