गाजियाबाद। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लू बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डालने लगी है। मंगलवार को प्रताप विहार स्थित एसबी स्कूल में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर गई। छात्रा को आनन-फानन में एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
एमएमजी अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, प्रताप विहार निवासी आकांक्षा मंगलवार सुबह करीब 11 बजे स्कूल परिसर में बेहोश हो गई। स्कूल प्रशासन ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। स्कूल स्टाफ और छात्रा के पिता उसे लेकर एमएमजी अस्पताल पहुंचे, जहां इमरजेंसी में तत्काल उपचार शुरू किया गया। ईएमओ डॉ. ब्रजेश ने बताया कि छात्रा को डिहाइड्रेशन की समस्या थी और समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत में सुधार हो गया।
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अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
भीषण गर्मी के कारण उल्टी-दस्त, बुखार, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ी हैं। इसके चलते एमएमजी अस्पताल, संयुक्त जिला अस्पताल समेत सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा भीड़ फिजिशियन विभाग में देखी जा रही है।
एमएमजी अस्पताल में सामान्य दिनों में प्रतिदिन 1800 से 1900 मरीज आते थे, लेकिन इन दिनों यह संख्या बढ़कर 2000 से 2100 तक पहुंच गई है। मंगलवार को अस्पताल की ओपीडी में कुल 2072 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें 1039 महिलाएं और 302 बच्चे शामिल रहे। अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही है। उन्होंने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों को लू से प्रभावित मरीजों के तत्काल उपचार के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में ओआरएस के अलग काउंटर बनाए गए हैं। एमएमजी अस्पताल, संयुक्त जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी और पीएचसी पर शीतकक्ष (कोल्ड वार्ड) भी तैयार किए गए हैं। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि लू से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष बेड आरक्षित किए गए हैं। रोजाना पांच से सात मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।