स्वास्थ्य विभाग में बुधवार से सिटीजन चार्टर लागू हो गया है। ऐसे में हर कार्य के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। इसमें मरीजों से लेकर स्वास्थ्य कर्मियों की भी सुविधा का खयाल रखा गया है। समय सीमा के अंदर काम न होने पर इसकी शिकायत की जा सकती है।
सरकारी अस्पतालों में एज सर्टिफिकेट, बर्थ एवं डेथ सर्टिफिकेट विकलांगता सर्टिफिकेट के लिए 60 दिन की समय सीमा तय की गई है। इसी प्रकार डेथ सर्टिफिकेट के लिए एक दिन का समय दिया गया है। आयु प्रमाण पत्र के लिए 30 दिन और नर्सिंग होम के पंजीकरण के निर्णय के लिए 90 दिन का समय निर्धारित कर दिया गया है। इसी प्रकार विकलांगता प्रमाण पत्र के लिए भी अब अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने होंगे। सिटीजन चार्टर लागू होने के साथ ही यह तय कर दिया गया है कि विकलांगता सर्टिफिकेट 60 दिन में जारी करना ही होगा।
सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने बताया कि निर्धारित समय पर कार्य पूरा न होने पर विभाग में शिकायत की जा सकती है। निर्धारित समय सीमा का बोर्ड भी सीएमओ कार्यालय में लगाया गया है।
संबंधित प्रकरण निस्तारण का समय
आवेदन की तिथि प्रथम अपील
विकलांगता प्रमाण पत्र -- 60 दिन 15 दिन
मेडिकोलीगल प्रमाण पत्र पर निर्णय 3 दिन 7 दिन
डेथ सर्टिफिकेट फॉर पीपल डाईंग
इन दी हॉस्पिटल पर निर्णय एक दिन 7 दिन
आयु प्रमाण पत्र 30 दिन 30 दिन
बीमारी एवं आरोग्यता प्रमाण पत्र 90 दिन 30 दिन
टीकाकरण प्रमाण पत्र 30 दिन 30 दिन
नर्सिंग होम पंजीकरण 90 दिन 30 दिन
पीसीपीएडीटी रजिस्ट्रेशन 90 दिन 30 दिन
फैमिली प्लानिंग असफल होने पर
भुगतान का निर्णय 45 दिन 30 दिन
21 दिनों में होता है शिकायतों का निवारण: कलक्ट्रेट में अधिकारियों के पास आने वाली शिकायतों का निपटारा करने के लिए 21 दिन का समय निर्धारित है। इसके बावजूद कलक्ट्रेट में शिकायतों का अंबार लगा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर मामले विभिन्न विभागों से जुडे़ होते हैं। ऐसे में उनके निदान में समय लगता है।
21 दिन में पासपोर्ट: पासपोर्ट जारी करने के लिए भी 21 दिन का समय निर्धारित है। हालांकि पासपोर्ट पूरी तरह से पुलिस वेरिफिकेशन पर आधारित होता है। अधिकारियों का कहना है कि नार्मल सेवा के पासपोर्ट भी पुलिस वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी कर दिए जाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि पासपोर्ट सिस्टम पूरी तरह से ऑनलाइन है।
10 दिन में पुलिस रिपोर्ट: पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन को दस दिन का समय निर्धारित है। कुछ थानों में पासपोर्ट की फाइलेें महीनों धूल फांकती रहती हैं। हालांकि ज्यादातर पुलिस वेरिफिकेशन निर्धारित समय-सीमा में ही पूरा कर लिया जाता है।