डूडा की इंटीग्रेटेड हाउसिंग एंड स्लम डेवलेपमेंट प्रोग्राम (आईएचएसडीपी) के तहत गरीबों को मकान का अभी लंबा इंतजार करना होगा। योजना के तहत वर्ष 2015 में ही भवन निर्माण होना था। जबकि भवन निर्माण की अंतिम राशि ही 10 अप्रैल 2016 को जारी की गई।
इसके बाद 30 मई तक शासन ने निर्माण कार्य पूरा करने के आदेश दिए। अंतिम तारीख भी गुजर गई लेकिन अब तक काम अधर में ही लटका हुआ है।
आईएचएसडीपी योजना के तहत गाजियाबाद के विजयनगर, डासना, अर्थला और फरीदनगर में 1936 फ्लैट बनाए जाने हैं।
योजना के तहत वर्ष 2007-2008 से ही निर्माण कार्य चल रहा है। बजट के अभाव में यह कार्य पूरा नहीं हो सका था। अप्रैल में बजट जारी करने के बाद शासन ने 30 मई तक निर्माण कार्य पूरा करने के आदेश दिए थे। तय समय खत्म हो जाने के बाद अब तक भी जिला प्रशासन के पास निर्माण कार्य की कोई अपडेट रिपोर्ट नहीं है।
सीडीओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि काम पूरा न होने पर कमिश्नर ने भी नाराजगी जाहिर की थी।
उन्होंने बताया कि बजट लेट आने की वजह से निर्माणकारी संस्था सीएनडीएस को 14 जून तक का समय और दिया गया है। 15 जून को निर्माण योजनाओं की बैठक जिला मुख्यालय पर बुलाई गई है। बैठक में निर्माणकारी संस्था को बुलाया गया है, उसकी रिपोर्ट के बाद प्रशासन भी अपने स्तर से निर्माण योजना की जांच कराएगा।
योजना के तहत कहां बन रहे कितने घर
स्थान मकान बजट करोड़ में
विजयनगर - 1236 28.32 लाख
डासना - 204 5.61 लाख
अर्थला- 208 8.19 लाख
फरीदनगर- 288 10.6 लाख
डूब क्षेत्र में बना है अर्थला में डूडा आवास
यह योजना लेट लतीफ तो चल ही रही है इसमें लापरवाही का भी आलम चरम पर है। अर्थला में बना डूबा आवास शासन द्वारा चिन्हित डूब क्षेत्र में शामिल है। हज हाउस से सौ मीटर की दूरी पर इन आवास का निर्माण किया गया है।