गाजियाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हरनंदीपुरम किसान संघर्ष समिति के सचिव की दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 5000 रुपये की लागत भी लगाई है, जिसे दो सप्ताह के भीतर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजियाबाद में जमा करने का आदेश दिया है।
कोर्ट नंबर-32 में सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा कि याचिकाकर्ता ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह विवादित आदेश से किस प्रकार प्रभावित है। साथ ही, यह भी नहीं बताया कि वह हरनंदीपुरम किसान संघर्ष समिति के सचिव के रूप में याचिका दाखिल करने के लिए अधिकृत कैसे हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि याचिका के साथ समिति के उपविधि (बायलॉज), प्रस्ताव या अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। ऐसे में याचिका अपने वर्तमान स्वरूप में सुनवाई योग्य नहीं है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ता को ‘बिजी बॉडी यानी व्यस्त व्यक्ति करार दिया, कहा कि बिना ठोस आधार के याचिका दाखिल की गई है। इसी आधार पर याचिका को खारिज करते हुए लागत लगाने का आदेश पारित किया गया।