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हाईवे के इतिहास में पहली बार कचरे से बनेगी सड़क, गडकरी आज करेंगे शुभारंभ

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पहली बार प्लास्टिक कचरे से बनेगी एक्सप्रेसवे की एक लेन
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साहिबाबाद। देश में हाईवे के इतिहास में पहली बार कचरे से सड़क बनाई जाएगी। यह सड़क यूपी गेट के पास करीब दो किलोमीटर की दूरी में बनाई जाएगी जो मेरठ एक्सप्रेस वे के एक लेन का हिस्सा होगी। सड़क निर्माण में रोड पर फेंके जाने वाले प्लास्टिक के बोतल व अन्य कचरे का इस्तेमाल किया जाएगा। कचरे को इकठ्ठा करने के लिए तीन जगहों पर कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। सीआरआरआई की एक रिपोर्ट पर यह प्रयोग किया जा रहा है। इसका शुभारंभ 30 सितंबर को केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी करेंगे।
एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि एनएचएआई पहली बार यह प्रयोग करने जा रहा है। इसके दो फायदे होंगे। एक तो इसी बहाने कचरे का निस्तारण हो जाएगा और दूसरा तारकोल की बचत होगी। रोड बनाने में साढे चार प्रतिशत तारकोल का इस्तेमाल होता है। कचरे का इस्तेमाल करने पर एक प्रतिशत तारकोल की बचत होगी यानी साढे तीन प्रतिशत तारकोल लगेगा। उन्होंने बताया कि सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) की एक रिपोर्ट के आधार पर यह प्रयोग किया जा रहा है। इस प्रयोग के तहत प्लास्टिक के कचरे का छोटा छोटा टुकड़ा किया जाएगा। फिर इसकी साफ सफाई करके इसे रोड मैटेरियल का रूप दिया जाएगा।
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होगा टीएचए के कचरे का निस्तारण
एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि प्लास्टिक के कचरे को जुटाने के लिए तीन जगहों पर कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। सेंटर से जुडे कर्मियों को कचरा जुटाने के काम में लगाया गया है। ये कर्मी रोड पर फेंके जाने वाले प्लास्टिक के बोतल समेत अन्य कचरे जुटाएंगे। यूपी गेट के पास रोड बनाने के लिए आसपास की कॉलोनियों मसलन इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा आदि इलाकों से कचरे बटोरे जाएंगे। यह काम महज 15 दिनों पहले ही शुरू किया गया है। खासा मात्रा में कचरा इकठ्ठा होने के बाद उसे रोड मैटेरियल बनाया जाएगा।
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बोले अधिकारी
एनएचएआई पहली बार प्लास्टिक के कचरे से करीब डेढ-दो किलोमीटर की दूरी में मेरठ एक्सप्रेसवे की एक लेन बनाएगा। सीआरआरआई की रिपोर्ट पर यह प्लान किया गया है। इस प्लान के तहत तारकोल की बचत होगी, साथ ही कचरे का भी निस्तारण हो जाएगा। टीएचए में कचरे को बटोरने का काम 15-20 दिनों से शुरू कर दिया गया है। मुदित गर्ग, डीजीएम, एनएचएआई
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