लोग बना रहे वीडियो, अफसर बोले-गए तेंदुए
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ तहसील क्षेत्र के कई गांवों के जंगल में बीते 10 दिन से तेंदुए का शोर मचा है और ग्रामीण इनकी वीडियो बनाकर वायरल कर रहे हैं। दूसरी तरफ वन विभाग लोगों को सयंम बरतने की सीख देते हुए दावा कर रहा है कि बिना छेड़े तेंदुए इंसानों पर हमला नहीं करते। विभाग का दावा है कि तेंदुए अब इस इलाके से चले गए हैं।
गढ़ क्षेत्र के गांव पावटी में तेंदुआ दिखाई देने के बाद पिछले पांच दिन से झड़ीना, अब्दुल्लापुर, नयागांव इनायतपुर, हैदरपुर, कल्याणपुर, कुलपुर समेत अन्य गांवों में भी तीन तेंदुए ग्रामीणों को दिखाई दिए हैं। ग्रामीण सोनू, मोंटी, धनराज, ललित का कहना है कि खेतों कामकाज करने के दौरान अपने साथ लाठी डंडे लेकर जा रहे हैं। महिलाओं व बच्चों को खेतों में जाने से रोका हुआ है। लेकिन वन विभाग पिंजरा तक लगा पाने में नाकाम है।
लंबे समय एक जगह नहीं रुकते तेंदुए
तेदुए लंबे समय तक एक स्थान पर नहीं रुकते। पावटी, नयागांव, झड़ीना और अब्दुल्लापुर समेत आसपास के जंगल में कांबिग चल रही है। पिंजरा लगाने के लिए स्थान का निर्धारण नहीं हो सका है। संभवत: तेंदुए क्षेत्र छोड़कर अन्य स्थान के लिए पलायन कर गए हैं। फिर भी लगातार तलाश की जा रही है।
मोहन सिंह बिष्ट, वन क्षेत्राधिकारी
हमलावर नहीं हैं तेंदुए, बरतें सयम
शुक्रवार को वनक्षेत्राधिकारी मोहन सिंह बिष्ट ने टाइगर गार्जियन भारत भूषण गर्ग को साथ लेकर क्षेत्र के गांव अब्दुल्लापुर, शाकरपुर, रामपुर न्यामतपुर में ग्रामीणों के साथ बैठक की। दस दौरान उन्होंने कहा कि तेंदुआ एक दिन में करीब 35 किलोमीटर के दायरे में विचरण करता है। वहीं बिना छेड़े इंसानों पर हमला नहीं करता है। एमएस बिष्ट ने कहा कि यह वन्य जीव संरक्षित क्षेत्र है, जिसमें जंगली जानवर निवास करते हैं। ग्रामीणों को केवल सतर्क रहने और संयम बरतने की आवश्यकता है। क्षेत्र में विचरण कर रहे तेंदुओं ने किसी भी इंसान पर हमला नहीं किया है, केवल जंगली जानवरों का ही शिकार करते हैं।