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कोरोना की दहशत में स्वाइन फ्लू की दस्तक

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कोरोना की दहशत के बीच स्वाइन फ्लू की दस्तक
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गाजियाबाद। एक तरफ शहर में आम लोगों में कोरोना से दहशत में हैं। दूसरी तरफ मौसम के बदलाव और तापमान कम होने से स्वाइन फ्लू ने फिर से दस्तक दे दी है। हाल ही में लिए गए छह सैंपल में तीन मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है तीनों महिलाओं केस्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। किसी को भी भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी है।
सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि पिछले तीन दिनों के दौरान इंदिरापुरम से छह लोगों के स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की सूचना मिली थी। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सभी के घर विजिट किया और सभी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। इनमें से तीन महिलाओं की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जबकि तीन लोगों की रिपोर्ट निगेटिव है। जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव है उनकी हालत में सुधार और उनका घर पर ही ओपीडी के जरिए उपचार चल रहा है। तीनों के परिवार के सभी सदस्यों को जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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संयुक्त अस्पताल के फिजीशियन डा. आरसी गुप्ता का कहना है कि स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रमक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के एंफ्लुएंजा वायरस एच1एन1 द्वारा होता है। प्रभावित व्यक्ति में सामान्य मौसमी सर्दी-जुकाम जैसे ही लक्षण होते हैं।
- नाक से पानी बहना या नाक बंद हो जाना।
- गले में खराश, सर्दी, खांसी व बुखार।
- सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द।
- कभी-कभी दस्त उल्टी आना।
संक्रामक है स्वाइन फ्लू
इसका संक्रमण रोगी व्यक्ति के खांसने, छींकने आदि से निकली हुई द्रव की बूंदों से होता है। रोगी व्यक्ति मुंह या नाक पर हाथ रखने के पश्चात जिस भी वस्तु को छूता है, पुन: उस संक्रमित वस्तु को स्वस्थ व्यक्ति द्वारा छूने से रोग का संक्रमण हो जाता है। संक्रमित होने के पश्चात एक से सात दिन के अंदर लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं।
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इन्हें होती है अधिक परेशानी
छोटे बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को यह तीव्र रूप से प्रभावित करता है। कमजोर व्यक्ति और किसी भी गंभीर रोग से ग्रसित मरीज।
इस तरह से करें बचाव
- खांसी, जुकाम, बुखार के रोगी दूर रहें।
- आंख, नाक, मुंह को छूने के बाद किसी अन्य वस्तु को न छुएं व हाथों को साबुन एंटीसेप्टिक द्रव से धोकर साफ करें।
- खांसते, छींकते समय मुंह व नाक पर कपड़ा रखें।
- सहज एवं तनावमुक्त रहिए। तनाव से रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता कम हो जाती है जिससे संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है।
- स्टार्च, आलू, चावल आदि तथा शर्करायुक्त पदार्थों का सेवन कम करिए। इस प्रकार के पदार्थों का अधिक सेवन करने से शरीर में रोगों से लड़ने वाली विशिष्ट कोशिकाओं न्यूट्रोफिल्स की सक्रियता कम हो जाती है।
- दही का सेवन नहीं करें, छाछ ले सकते हैं। खूब उबला हुआ पानी पीएं व पोषक भोजन व फलों का उपयोग करें।
-सर्दी- जुकाम बुखार होने पर भीड़भाड़ से बचें एवं घर पर ही रहकर आराम करते हुए कम से कम सात से नौ घंटे की नींद ले।
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