हिंडन किनारे और पाइप लाइन पर बसे गांवों में लगे हैंडपंप लोगों को बीमार बना रहे हैं। पाइप लाइन मार्ग पर सात गांव ऐसे हैं, जिनके हैंडपंपों का पानी दूषित हो चुका है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने मकरेड़ा-महमुदाबाद, सुराना और भदौली गांव का सर्वे किया और लोगों से बातचीत की। लोग कैंसर, लीवर की बीमारी, हेपेटाइटिस सी, दांतों और बच्चे डायरिया जैसे रोगों से ग्रस्त मिले।
सुराना गांव
हिंडन नदी किनारे बसे सुराना गांव की आबादी करीब पच्चीस हजार है, जिसमें करीब आठ हजार मतदाता हैं। गांव में 128 हैंडपंप लगे हैं, जिनका पानी दूषित हो चुका है। इससे लोग कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं। गांव के कुछ लोग आरओ का पानी पी रहे हैं, लेकिन बाकी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। गांव की पानी की टंकी खराब होने के कारण जलापूर्ति बाधित है। -मोनिका यादव प्रधान सुराना गांव।
हैंडपंप का दूषित पानी पीने से कैंसर रोग से ग्रस्त होने के कारण घरेलू काम करने में परेशानी होती है। इसके चलते हैंडपंप का पानी पीना बंद कर दिया है। उर्मिला यादव ग्रामीण सुराना।
पता होता कि हैंडपंप का पानी पीने से कैंसर से ग्रस्त हो जाऊंगी तो कभी पानी न पीती। अब पछतावा हो रहा है। हिंडन नदी का पानी दूषित होने के कारण गांव में लोग बीमार हैं। -मुनेश ग्रामीण सुराना।
भदौली गांव
पाइप लाइन मार्ग पर हिंडन किनारे बसे भदौली गांव की आबादी करीब बाइस सौ है, गांव में 49 हैंडपंप लगे हैं। इनका पानी दूषित हो चुका है। यहां भी लोग लीवर, हेपेटाइटिस सी, पीलिया और बच्चे डायरिया से पीड़ित हैं। पानी का टीडीएस करीब 350-700 तक है। -कपिल त्यागी प्रधान भदौली गांव।
हैंडपंप का दूषित पानी पीने से हेपेटाइटिस सी का शिकार हो चुका हूं। दिल्ली एम्स अस्पताल से उपचार चल रहा है। -आस मोहम्मद, ग्रामीण भदौली।
घर के पास लगे हैंडपंप का पानी दूषित होने के कारण करीब सौ मीटर पैदल चलकर दूसरे नल से पानी लाना पड़ता है। पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -सोनी, ग्रामीण भदौली।
मकरेड़ा-महमूदाबाद
गांव की आबादी करीब ढाई हजार है, गांव में 53 हैंडपंप लगे हैं। हिंडन किनारे गांव और गंदा नाला निकलने से हैंडपंपों का पानी दूषित हो चुका है। लोग एलर्जी और बच्चे डायरिया
बीमारी का शिकार हो रहे हैं। -कमला रानी, प्रधान मकरेड़ा गांव।
हैंडपंप का पानी दूषित होने के कारण गांव में लोग आरओ का पानी पी रहे हैं। हैंडपंपों के दूषित पानी की शिकायत की गई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। -सलेक भईया ग्रामीण व सचिव विकास संघर्ष समिति।
अब गांव के लोगों को खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है। जो पानी खरीदकर नहीं पी सकते है, वह दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। दूषित पानी से बर्तन भी पीले पड़ जाते हैं। -जिले सिंह, ग्रामीण मकरेड़ा।
हैंडपंप का दूषित पानी होने के कारण दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है। बदबूदार पीला पानी हैंडपंप से निकलता है। -लोकेश कुमार, ग्रामीण महमूदाबाद।
पानी में कीड़े निकलते हैं, हैंडपंप का पानी इतना दूषित हो चुका है कि उसमें काले-काले कण निकलते हैं। पीने के लिए करीब सौ मीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। -मुस्तकीम ग्रामीण महमूदाबाद।