डूब क्षेत्र में हज हाउस निर्माण के मामले में एनजीटी ने यूपी सरकार समेत 8 पक्षों को जवाब दाखिल करने की मोहलत दो सप्ताह और बढ़ा दी है। याचिकाकर्ताओं ने इसमें यूपी सरकार, केंद्रीय जल संसाधन एवं नदी विकास मंत्रालय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, जीडीए, हज कमेटी और वन पर्यावरण एवं जलवायु मंत्रालय को पक्षकार बनाया हुआ है।
अब 3 दिसंबर को इस मामले में सुनवाई की जाएगी।पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था ‘सोसायटी फॉर प्रोटेक्शन एन्वायरमेंट एंड बायोडायवर्सिटी’, सुशील राघव, पार्षद पति हिमांशु मित्तल समेत चार याचिकाकर्ताओं ने डूब क्षेत्र में बनाए गए हज हाउस के खिलाफ एनजीटी में याचिका दाखिल की हुई है।
आरोप है कि सभी नियमों को दरकिनार कर हज हाउस का निर्माण किया गया है और इसमें नदी के दो खसरा नंबर पर भी निर्माण किया गया है। एनजीटी ने सभी पार्टियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
बीते शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई थी, लेकिन अधिकांश पक्षकारों ने जवाब दाखिल नहीं किए। याचिकाकर्ता सुशील राघव ने बताया कि इस पर एनजीटी ने उन्हें दो सप्ताह की मोहलत और दे दी है।