नगर निगम वाहन चालकों को गाड़ियों में पंक्चर कर हंगामा करना भारी पड़ गया। अधिकारियों की शिकायत पर सिहानी गेट पुलिस ने निगम के दो ड्राइवरों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अन्य नामजद ड्राइवरों की भी तलाश कर रही है। वहीं इन गिरफ्तारी से वाहन चालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
निगम में पांच दिन से यह विवाद चल रहा है। वाहनों को ठेके पर दिए जाने के विरोध में निगम वाहन चालक यूनियन ने जमकर हंगामा किया था। यूनियन पदाधिकारियों के इशारे पर निगम चालकों ने गैराज से वाहन नहीं निकलने दिए थे। उनमें पंक्चर कर गैराज में बंद कर दिए थे। इसकी वजह से त्योहारी सीजन में दो दिन कूड़ा नहीं उठ पाया।
नगर निगम अधिकारियों की ओर से सिहानी गेट थाने में करीब 20 ड्राइवरों को नामजद करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने, निगम वाहनों को नुकसान पहुंचाने, अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर माहौल बिगाड़ने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शनिवार देर रात सिहानी गेट पुलिस ने नंदग्राम क्षेत्र से नामजद दो ड्राइवरों धर्मेंद्र निवासी साहिबाबाद और रजनीश निवासी सिंभावली को गिरफ्तार कर लिया। एसएचओ सिहानी गेट अवनीश गौतम ने बताया कि अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी।
निगम के 15 कर्मचारियों को बर्खास्त करने की तैयारी
गाजियाबाद। नगर निगम के 15 स्थायी कर्मचारियों पर निलंबन के बाद अब बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। नगर आयुक्त ने 15 स्थायी और कार्यवाहक वाहन चालकों को बर्खास्त करने की तैयारी कर ली है। एस्मा लागू होने के बावजूद हड़ताल करने, काम में बाधा डालने की वजह से उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।
इनमें निगम वाहन चालक यूनियन के अध्यक्ष अजीत सिंह और महामंत्री सलीम अब्बासी समेत कई नेता भी शामिल हैं।हालांकि फिलहाल नगर आयुक्त अब्दुल समद ने उनका निलंबन कर जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन उनका कहना है कि एस्मा (इसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट) लागू होने के बावजूद इन कर्मचारियों ने उसका उल्लंघन किया है।
सफाई जैसी आवश्यक सेवा को बाधित कर सरकारी कार्य में बाधा भी डाली है। ऐसे में जांच की भी आवश्यकता नहीं होती, उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सीधे कार्रवाई की जा सकती है। उनका कहना है कि जल्द ही इन सभी 15 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।