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Ghaziabad News: यू-ट्यूब से सीखकर देशभर के एटीएम में लगाई सेंध

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साहिबाबाद पुलिस टीम ने गिरफ्तार किए एटीएम मशीन व कैश डिपॉजिट मशीन को हैक कर साइबर फ्रॉड करने वा - फोटो : Samvad
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गाजियाबाद। यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर एटीएम व कैश डिपॉजिट मशीन के बिजली आपूर्ति सिस्टम को हैक कर नकदी चोरी करने वाले गिरोह के चार बदमाशों को साहिबाबाद थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी किए गए चार लाख रुपये, एसयूवी समेत दो कारें, स्मार्ट प्लग, दो मोबाइल फोन, एक डेबिट कार्ड और नकदी निकालने के लिए साइकिल के पहिये की तीलियों से बनाया गया औजार बरामद किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी हरियाणा, महाराष्ट्र समेत दिल्ली-एनसीआर में कई वारदातें कर चुके हैं।
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कार्यवाहक डीसीपी ट्रांस हिंडन सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि राजेंद्र नगर स्थित केनरा बैंक की कैश डिपॉजिट मशीन से छेड़छाड़ कर 27 व 29 जून को 8.37 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। मामले में शाखा प्रबंधक छवि ऐरन की शिकायत पर साहिबाबाद थाने में 21 जुलाई को केस दर्ज किया गया था। इसके बाद साहिबाबाद थाना पुलिस, साइबर व सर्विलांस टीम जांच में जुट गई।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मूल रूप से हरियाणा के नूंह निवासी और वर्तमान में साहिबाबाद के शहीद नगर निवासी अहसान, वर्तमान में दिल्ली में रह रहे मथुरा निवासी आरिफ, हरियाणा के नूंह निवासी सिराज उर्फ सिराजू और रहीश को गिरफ्तार किया।
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स्मार्ट प्लग से बिजली आपूर्ति बाधित कर करते थे खेल

डीसीपी ने बताया कि गिरोह का सरगना अहसान है। उसने यू-ट्यूब पर कई वीडियो देखकर एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीन की बिजली आपूर्ति को स्मार्ट प्लग के जरिये नियंत्रित करना सीखा। इसके बाद ऑनलाइन स्मार्ट प्लग मंगवाया और अपने साथियों के साथ चोरी की योजना बनाई। आरोपी बैंक की छुट्टी वाले दिन या बैंक खुलने से पहले मशीनों को निशाना बनाते थे।

अहसान ने पूछताछ में बताया कि मशीन का मूल पावर प्लग हटाकर उसकी जगह स्मार्ट प्लग लगा देते थे और मोबाइल फोन में स्मार्ट लाइफ एप के जरिये उसे नियंत्रित करते थे। जब कोई व्यक्ति मशीन से नकदी निकालता या जमा करता था तो वे एप की मदद से बिजली आपूर्ति बाधित कर देते थे। इससे नकदी कैश ट्रे में फंस जाती थी। ग्राहक के जाने के बाद साइकिल के पहिये की तीलियों से बने औजार से मशीन खोलकर रकम निकाल लेते थे। इस दौरान ग्राहक के खाते में लेन-देन का संदेश भी समय पर नहीं पहुंचता था, जिससे तुरंत शक नहीं होता था।

कई एटीएम से 70 लाख रुपये की चोरी

पूछताछ में सामने आया कि अहसान और उसका साथी सिराज एटीएम के अंदर जाते थे, जबकि आरिफ और रहीश बाहर निगरानी करते थे। डीसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि गिरोह वर्ष 2020 से सक्रिय है और दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में इसी तरीके से 70 लाख रुपये से अधिक की चोरी कर चुका है। चोरी की रकम से ही अहसान ने बरामद एसयूवी कार खरीदी थी। साथ ही उसने दिल्ली में पत्नी के नाम एक फ्लैट भी खरीदा। एसयूवी का इस्तेमाल अन्य राज्यों में वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाता था। पुलिस का कहना है कि गिरोह के बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
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