गाजियाबाद। राज्यकर विभाग की टीम ने आंबेडकर रोड स्थित तेल, घी व मसाले के कारोबारी की फर्म पर ग्राहक बनकर रेकी की और फिर छापा मारकर 45 लाख की जीएसटी चोरी पकड़ी है। कारोबारी की ओर से एक ई-वे बिल का बार-बार प्रयोग करके माल की सप्लाई कर जीएसटी चोरी की जा रही थी। फर्म संचालक ने फर्जीवाड़ा कर आईटीसी क्लेम ले लिया था। कार्रवाई के बाद जीएसटी के अधिकारियों ने कारोबारी से टैक्स चोरी की 45 लाख की रकम जमा कराई।
राज्यकर विभाग के जोन-दो के अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि होली के मद्देनजर तेल, मसाला, ड्राइफ्रूट और मिठाइयों के कारोबार पर विभाग की विशेष नजर है। विभाग ने जीएसटी रिटर्न के आंकड़ों, ई-वे बिल और खरीद-बिक्री के विवरण का परीक्षण कराने के बाद रेकी कराई। ग्राहक बनकर भी आंकड़े जुटाए गए। इसमें फर्म की गतिविधियां संदिग्ध पायी गई। जांच में पाया गया कि फर्म संचालक ने दिल्ली स्थित बोगस फर्मों से खरीद दर्शा कर अवैध रूप से आईटीसी क्लेम लिया और टैक्स की चोरी की। इसके साथ-साथ अपनी देयता को फर्जी आईटीसी बताकर समायोजित करा लिया था। उन्होंने बताया कि विशेष अनुसंधान शाखा के संयुक्त आयुक्त विशाल पुंडीर, उपायुक्त अनुराग बरोलिया और जयप्रकाश मौर्य के साथ अन्य 12 अधिकारियों की टीम को भेजकर फर्म के तीन व्यापार स्थल पर एक साथ छापा मारा गया। इसमें बोगस फर्मो से खरीद के साथ-साथ अघोषित स्टॉक भी पाया गया। उन्होंने बताया कि फर्म संचालक से 45 लाख रुपये तत्काल जमा करा लिए गए हैं। विशेष अनुसंधान शाखा के अपर आयुक्त ग्रेड-2 ओपी तिवारी ने बताया कि फर्म के ठिकानों से बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए गए हैं। टैक्स चोरी की वास्तविक जानकारी जुटाने के लिए विस्तृत जांच शुरू करा दी गई है।