इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी के फ्लैटों में लगीभीषण आग
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जिम में शरण लिए पीड़ित परिवार
श्रेया, नीरज, अनुमान आदि ने बताया कि दमकल की टीम करीब नौ बजे सोसायटी में दाखिल हुई। इसके बाद टीम ने पांच हजार और 10 हजार लीटर वाले पानी के टैंकर पर लगे वॉटर मॉनिटर से करीब 70 मीटर दूर से पानी की बौछार फेंकी। वाटर मॉनिटर लंबाई तक पानी फेंकने में सहायक होता है, ऊंचाई पर नहीं। ऐसे में वह फेल साबित हुआ।
करीब साढ़े नौ बजे हाइड्रोलिक सिस्टम मंगाया गया, जिसकी क्षमता मात्र 42 मीटर तक ही पानी की बौछार करने की है। उसके बाद एक अन्य हाइड्रोलिक सिस्टम गौतमबुद्धनगर से मंगाया गया। इन दोनों ने मिलकर 9वीं से 12वीं मंजिल तक पानी की बौछार की, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था।
दमकल के पाइपों में छेद, प्रेशर भी कम दमकल विभाग की टीम ने अपने पाइपों के साथ-साथ सोसायटी के पाइपों को सीढ़ियों से बिछाकर घटनास्थल तक पहुंचाया। इसमें भी करीब 35 मिनट का समय लगा। दमकल के पाइप बीच में कटे-फटे थे। इससे पानी घटनास्थल पर कम और सीढ़ियों पर अधिक बरसा। इससे लोगों में दमकल विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त रहा। पानी का प्रेशर कम था, इससे भी घटनास्थल तक पानी पहुंचाने में परेशानी आई।
आग पर काबू पाने के बाद घर जाते लोग
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सीएफओ बोले, 10 लोगों को किया रेस्क्यू
सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि दमकल विभाग को 8:50 बजे घटना की सूचना मिली। सात मिनट में टीम मौके पर पहुंच गई। पहले वाटर मॉनिटरिंग सिस्टम से पानी पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन अतिक्रमण के चलते टीम बेबस थी। इस दौरान टीम ने आग और जहरीले धुएं के बीच फंसे 10 लोगों को निकाला। टीम चार फ्लैट के लोहे और लकड़ी के दरवाजे कटर से काटकर अंदर दाखिल हुई। इसमें टीम का काफी समय बर्बाद हुआ।
इनको निकाला सुरक्षित
अय्यूब (82), सुधांशु शर्मा (88) रुचि शर्मा (57), कुसुम शर्मा (68) अनूप कुमार (55), अनुराग शर्मा (53), वीवा अग्रवाल (44), कमल अरोरा (49), आयुष (19) और कुसुम (45)।
इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में भीषण आग के बाद जलकर राख हुआ सामान
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विभाग के पास संसाधन
विभाग में तीन एफएसओ, चार एफएसएसओ, सात लीडिंग फायरमैन, 21 फायरमैन की कमी है। वाहनों में एक 72 मीटर का हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, दो फोम टेंडर, दो वाटर बाउजर, एक बड़ा व चार छोटे वाटर टेंडर, चार स्नैक आर्म्स टाइप फायर टेंडर, छह वाटर मिस्ट, चार रेस्क्यू टेंडर, चार मोटरसाइकिल विद बैंक पैक सिस्टम, चार लाइटिंग टावर मय पावर बैंक एंड पेट्रोल ऑपरेटेड, चार आस्का लाइट और दो एंबुलेंस विद लाइफ सपोर्ट सिस्टम, एक पोर्टेबल पावर जनरेटर, चार स्मोक एक्सट्रेक्शन फेन/स्मोक फ्रेश एअर थ्रोअर, एक अर्थ मूवर्स कम एक्सट्रेक्टर और चार मल्टी गैस डिडेक्टर की विभाग को आवश्यकता है।
इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में भीषण आग के बाद जलकर राख हुआ सामान
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सोसायटी में फायर उपकरण कहीं चले तो कहीं हुए ठप
सोसायटी में आग लगने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिस चीज की रही, वह था सोसायटी में लगा फायर फाइटिंग सिस्टम। किसी ने इसे जीवनरक्षक बताया तो किसी ने इसे पूरी तरह नाकाम करार दिया। आग के बीच यही सिस्टम बहस का केंद्र बन गया।
कुछ निवासियों का कहना है कि अगर फायर उपकरण मौजूद न होते तो आग और भी विकराल रूप ले लेती। लोगों के मुताबिक, इन्हीं की वजह से आग पर जल्दी काबू पाने में मदद मिली और बड़ा हादसा टल गया।
दूसरी तरफ कई लोग सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि उपकरण ठीक से काम नहीं कर रहे थे। इसकी वजह से आग तेजी से फैलती चली गई और नुकसान बढ़ गया। इसी दौरान फायर उपकरण चलाने की कोशिश में एक निवासी घायल हो गया।
सोसायटी निवासी अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि फायर उपकरण तो लगे हुए हैं, लेकिन मौके पर उनका कोई खास फायदा नहीं मिला। उनका कहना है कि अगर सिस्टम सही तरीके से काम करता और लोगों या सुरक्षाकर्मियों को इन्हें चलाने की ट्रेनिंग दी गई होती तो लोगों की जमा पूंजी इस तरह राख नहीं होती।
इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में भीषण आग के बाद जलकर राख हुआ सामान
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