इस पर पुलिस को शक गहरा गया और पुलिस ने सुंदर, उसकी पत्नी और बेटी से अलग-अलग पूछताछ की। तीनों के बयान में विरोधाभास मिलने पर पुलिस का शक अभिषेक और हिमांशु पर और अधिक पुख्ता हो गया।
तीनों ने अभिषेक और हिमांशु के बारे में अलग-अलग जानकारियां दीं। जहां सुंदर ने बताया कि उसके दोनों बेटे आज शाम को ही नाना के यहां नोएडा स्थित सर्फाबाद गए हैं। वहीं, सुंदर की पत्नी ने दोनों बेटों के तीन दिन से घर न आने की बात कही।
दिल्ली में राष्ट्रीय रेसलर दोस्त के पास पहुंचा हिमांशु
दादी और चाचा की हत्या करने के बाद हिमांशु ने एक तरफ जहां अपने एक दोस्त को कॉल कर गाड़ी मांगी थी, वहीं उसने दिल्ली में रहने वाले गांव के ही पहलवान दोस्त को भी कॉल की थी। इस पहलवान दोस्त से हिमांशु ने बताया था कि उसने अपने दादी और चाचा की हत्या कर दी है।
पुलिस से बचने के लिए उसे उसकी मदद की दरकार है। पुलिस के मुताबिक हिमांशु का यह दोस्त राष्ट्रीय स्तर का पहलवान है। हिमांशु अपने पहलवान दोस्त के पास चला गया जबकि अभिषेक इसी अन्य ठिकाने पर जाकर छिप गया। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से अभिषेक की लोकेशन ट्रेस की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
चाचा की अभद्रता पर मौन रहती थी दादी, इसलिए दोनों को मार डाला
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि सुंदर और उसके दोनों बेटों ने पैतृक संपत्ति कब्जाने की नियत से रामश्री और नरेंद्र की हत्या की। नरेंद्र नशे का आदी और अविवाहित था। इसकी वजह से पिता-पुत्रों ने मां बेटे को मारकर प्रॉपर्टी हथियाने का प्लान बनाया था। नरेंद्र अपने भाई सुंदर की पत्नी से अभद्रता करता था और मां रामश्री उसका साथ देती थी, हत्या की एक वजह यह भी है।
पुलिस का कहना है कि घटना की साजिश में सुंदर भी शामिल था। हिमांशु ने दादी और चाचा को गोली मारी, जबकि उसका छोटा भाई अभिषेक मौके पर मौजूद था। घटना के बाद अभिषेक ही हिमांशु को बाइक पर लेकर फरार हुआ। पुलिस को गुमराह करने के लिए इन दोनों के पिता सुंदर ने जानबूझकर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।