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गाजियाबाद: संपत्ति विवाद में घर में सो रहे दादी-चाचा को गोली से उड़ाया, चंद घंटों में हुआ खुलासा

Tue, 25 May 2021 01:46 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद

सार

कविनगर क्षेत्र के गांव बम्हैटा में रविवार देर रात हुई घटना, पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर एक आरोपी किया गिरफ्तार। आए दिन नशे में परिवार से गाली-गलौज करता था चाचा, हर महीने मिलने वाली पेंशन भी चाचा को देती थी दादी।
 
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इसी घर में मारी गई गोली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कविनगर थानाक्षेत्र के गांव बम्हैटा में संपत्ति विवाद को लेकर दो भाइयों ने रविवार देर रात दादी रामश्री (70) और अविवाहित चाचा नरेंद्र (38) की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल की और चंद घंटों में घटना का खुलासा करते हुए एक हत्यारोपी अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका भाई हिमांशु फरार है। 

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पुलिस के मुताबिक दोनों हत्यारोपियों का पिता सुंदर भी घटना की साजिश में शामिल था। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए जानकारी छिपाते हुए अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस सुंदर और उसके बेटे हिमांशु की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

गांव बम्हैटा निवासी रामश्री के पति भौंदी रेलवे में नौकरी करते थे। उनकी मृत्यु के बाद रामश्री को प्रतिमाह 9 हजार रुपए पेंशन मिलती थी। रामश्री अपने छोटे बेटे नरेंद्र के साथ घेर में रहती थी, जबकि उसका बड़ा बेटा सुंदर अपने परिवार के साथ अलग मकान में रहता है। 
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सुंदर के परिवार में पत्नी, दो बेटे हिमांशु और अभिषेक के अलावा एक विवाहित पुत्री पूजा है, जो इन दिनों अपने मायके में आई हुई है। रविवार रात करीब 1 बजे पूजा ने यूपी-112 पर पुलिस को सूचना दी कि उसकी दादी रामश्री और चाचा नरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां सुंदर और उसका तहेरा भाई मिला। 

पूछताछ में सुंदर ने बताया कि वह रात 12:30 बजे घर से घेर पर सोने के लिए आया था। वहां देखा तो मां टिनशेड और भाई कमरे में चारपाई पर लहूलुहान मृत पड़े थे। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो नरेंद्र की कनपटी पर एक और रामश्री के पेट और पीठ में दो गोलियां लगी थीं। पुलिस को मौके से दो खोखे और एक कारतूस बरामद हुआ। घटना के संबंध में रामश्री के बड़े बेटे सुंदर ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
 
हिमांशु और अभिषेक के गायब मिलने पर पुलिस को हुआ शक
दोहरे हत्याकांड की सूचना पर कविनगर पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां सुंदर और उसका तहेरा भाई मिले। घटना के बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस परिवार के सभी लोगों की मौजूदगी के बारे में पूछताछ कर रही थी कि इसी बीच हिमांशु और अभिषेक के गायब होने की जानकारी लगी। 

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इस पर पुलिस को शक गहरा गया और पुलिस ने सुंदर, उसकी पत्नी और बेटी से अलग-अलग पूछताछ की। तीनों के बयान में विरोधाभास मिलने पर पुलिस का शक अभिषेक और हिमांशु पर और अधिक  पुख्ता हो गया। 

तीनों ने अभिषेक और हिमांशु के बारे में अलग-अलग जानकारियां दीं। जहां सुंदर ने बताया कि उसके दोनों बेटे आज शाम को ही नाना के यहां नोएडा स्थित सर्फाबाद गए हैं। वहीं, सुंदर की पत्नी ने दोनों बेटों के तीन दिन से घर न आने की बात कही।

दिल्ली में राष्ट्रीय रेसलर दोस्त के पास पहुंचा हिमांशु
दादी और चाचा की हत्या करने के बाद हिमांशु ने एक तरफ जहां अपने एक दोस्त को कॉल कर गाड़ी मांगी थी, वहीं उसने दिल्ली में रहने वाले गांव के ही पहलवान दोस्त को भी कॉल की थी। इस पहलवान दोस्त से हिमांशु ने बताया था कि उसने अपने दादी और चाचा की हत्या कर दी है। 

पुलिस से बचने के लिए उसे उसकी मदद की दरकार है। पुलिस के मुताबिक हिमांशु का यह दोस्त राष्ट्रीय स्तर का पहलवान है। हिमांशु अपने पहलवान दोस्त के पास चला गया जबकि अभिषेक इसी अन्य ठिकाने पर जाकर छिप गया। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से अभिषेक की लोकेशन ट्रेस की और उसे गिरफ्तार कर लिया।

चाचा की अभद्रता पर मौन रहती थी दादी, इसलिए दोनों को मार डाला
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि सुंदर और उसके दोनों बेटों ने पैतृक संपत्ति कब्जाने की नियत से रामश्री और नरेंद्र की हत्या की। नरेंद्र नशे का आदी और अविवाहित था। इसकी वजह से पिता-पुत्रों ने मां बेटे को मारकर प्रॉपर्टी हथियाने का प्लान बनाया था। नरेंद्र अपने भाई सुंदर की पत्नी से अभद्रता करता था और मां रामश्री उसका साथ देती थी, हत्या की एक वजह यह भी है। 

पुलिस का कहना है कि घटना की साजिश में सुंदर भी शामिल था। हिमांशु ने दादी और चाचा को गोली मारी, जबकि उसका छोटा भाई अभिषेक मौके पर मौजूद था। घटना के बाद अभिषेक ही हिमांशु को बाइक पर लेकर फरार हुआ। पुलिस को गुमराह करने के लिए इन दोनों के पिता सुंदर ने जानबूझकर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
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