सिकंदराबाद/ककोड़। वैर स्थित एक क्वारंटीन सेंटर में सोमवार शाम जनपद हरदोई निवासी एक युवती की मौत हो गई। युवती गौतमबुद्ध नगर से अपने परिजनों के साथ पैदल ही घर जा रही थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। जिसके बाद प्रशासन ने एंबुलेंस से शव समेत परिजनों को उनके गृह जनपद भिजवा दिया। वहीं, प्रशासन ने एहतियातन युवती के सैंपल लेकर कोरोना की जांच के लिए भेजा है। एसडीएम रविशंकर सिंह ने बताया कि फूल सिंह पुत्र शिव सागर निवासी गजाधरपुर, टडियावा जिला हरदोई अपने परिवार के साथ ग्राम देवला ग्रेटर नोएडा में शिवा गुर्जर के मकान में रहता था। वहां किराए पर रहकर श्रमिक का कार्य करता था। रविवार को वह देवला से अपने घर हरदोई के लिए अपनी पत्नी कांति, बड़ी बेटी सरिता और बेटी आरती (18) के साथ पैदल घर के लिए चला था। रविवार देर रात में सिकंदराबाद क्षेत्र में टोल प्लाजा पर उसे रोक लिया गया था। सभी को ककोड़ क्षेत्र के वैर में क्वारंटीन किया गया था। आरती पिछले चार-पांच महीने से टीबी की बीमारी से ग्रसित थी। क्वारंटीन सेंटर पर चिकित्सक द्वारा बार-बार पूछे जाने पर भी आरती के पिता फूल सिंह ने आरती के बीमार होने के तथ्य को छिपाया। बीमारी के चलते सोमवार को करीब ५.३० बजे आरती की मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद आरती के पिता फूल सिंह ने आरती के बीमार होने की जानकारी दी और दवा की पर्ची एक्सरे रिपोर्ट दिखाई। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि रोके जाने के डर से आरती के बीमारी की जानकारी को छुपाया। परिजनों से युवती का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। जिसके बाद उन्हें शव के साथ एंबुलेंस से गृह जनपद हरदोई भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि एहतियातन युवती का सैंपल कोरोना टेस्ट के लिए लिए गया है। हालांकि, उसमें कोराना के काई लक्षण नहीं थे।