बुलंदशहर। गुडग़ांव से हरदोई जा रहे एक प्रवासी श्रमिक की वाहन से उतरने के बाद हालत खराब हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है। गौरतलब है कि लॉकडाउन के चलते एक तरफ प्रवासी श्रमिकों को कामकाज मिलना बंद हो गया और उन्हें जीवन के कठिन दौर से गुजरना पड़ रहा है। साथ ही दूसरी तरफ उन्हें अपने घर पहुंचने के लिए पैदल ही सफर करने पर मजबूर होना पड़ रहा हे। पैदल ही घर लौटने के दौरान कई प्रवासी श्रमिकों की मौत भी हो चुकी है। कोतवाली देहात क्षेत्र में गांव दरियापुर के समीप एक प्रवासी श्रमिक किसी वाहन से उतरा था। बताया गया कि तबियत खराब होने पर वह सड़क किनारे ही लेट गया। इस दौरान देहात पुलिस को किसी ने सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। देहात कोतवाल सुधीर कुमार त्यागी ने बताया कि उसकी जेब में मिले आधार कार्ड से उनकी शिनाख्त यूनुस पुत्र अशरफ निवासी गांव डिब्बापुर थाना अरवल जिला हरदोई के रूप में हुई। सीओ सिटी राघवेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि मृतक के दो भाई बुलंदशहर पहुंच गए हैं, जो पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर रहे हैं। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को भाईयों के सुपुर्द कर बुलंदशहर में ही सुपुर्द-ए-खाक करने की कार्रवाई की जा रही है।