निगम की बोर्ड बैठक में हंगामा : पार्षद बोले- नहीं बढ़ने देंगे हाउस टैक्स
गाजियाबाद। सर्किल रेट के आधार पर हाउस टैक्स निर्धारण करने के लिए बनाई गई नई टैक्स पॉलिसी का निगम की बोर्ड बैठक में सोमवार को जमकर विरोध हुआ। पार्षदों ने सदन में एकजुट होकर कहा कि जनता पर टैक्स का बोझ नहीं बढ़ने देंगे। वहीं कविनगर जोन के टैक्स विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर पार्षद सदन में ही धरने पर बैठ गए। मेयर और अन्य पार्षदों के समझाने पर वह धरने से उठे। महापौर ने भी जनता पर टैक्स का बोझ न डालकर अन्य संसाधनों से आमदनी बढ़ाने का निर्णय लिया। इस पर चर्चा के लिए जल्द ही सदन की विशेष बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में नगर निगम का पुनरीक्षित बजट भी चर्चा के बाद पास हो गया।
लोहिया नगर के हिंदी भवन सभागार में महापौर आशा शर्मा की अध्यक्षता व नगरायुक्त की मौजूदगी में हुई बजट बैठक में बजट पर चर्चा की बजाय टैक्स बढ़ाए जाने का मुद्दा गर्मा गया। महिला पार्षद गजेंद्री देवी ने सबसे पहले नगर निगम की नई टैक्स पॉलिसी का विरोध किया। इसके बाद भाजपा पार्षद अनिल स्वामी सहित अन्य पार्षदों के विरोधी स्वर सदन में गूंजने लगे। सभी ने मकानों पर दो से तीन गुना टैक्स बढ़ाए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया। हालांकि नगर निगम अधिकारियों की ओर से टैक्स बढ़ाने के इस प्रस्ताव पर सफाई दी गई, लेकिन पार्षदों ने इस पर टैक्स न बढ़ाने का अपना रुख साफ कर दिया।
इसके बाद मुद्दा कविनगर जोन के टैक्स विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का उठाया गया। भाजपा पार्षद राजीव शर्मा ने कहा कि कविनगर जोन में 3148 उद्योग हैं, लेकिन इनमें से आधे पर भी टैक्स नहीं लगाया गया है। उन्होंने जोनल प्रभारी हरिकिशन गुप्ता पर भवन मालिकों से साठगांठ कर टैक्स वसूली में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। खुद महापौर ने भी जोनल प्रभारी पर उनके निर्देशों का पालन न करने के आरोप लगाए। इसके बाद पार्षद राजीव शर्मा, कांग्रेस पार्षद जाकिर सैफी सदन में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने ट्रांसफर अधीन जोनल प्रभारी हरिकिशन गुप्ता को तत्काल रिलीव किए जाने और भ्रष्टाचार की जांच की मांग की। इसके बाद मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और नगरायुक्त को जवाब देना पड़ा। महापौर व अन्य पार्षदों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पार्षद धरने से उठे। बैठक के दूसरे चरण में लंच बाद पुनरीक्षित बजट पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद बजट पर सदन ने स्वीकृति की मुहर लगा दी। महापौर आशा शर्मा ने कहा कि नगर निगम की आमदनी बढ़ाने के लिए टैक्स के अलावा अन्य संसाधनों पर विचार किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही सदन की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी। इसमें चाहे 10 घंटे चर्चा चले, लेकिन आमदनी बढ़ाने पर अलग से विचार-विमर्श किया जाएगा।