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गौरव चंदेल के हत्यारों द्वारा लूटी गई कार कविनगर थाना पुलिस को सुपूर्द

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एसटीएफ ने कविनगर पुलिस को सौंपी बरामद कार
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गाजियाबाद। गौरव चंदेल के हत्यारों द्वारा लूटी गई कार कविनगर थाना पुलिस को सौंप दी गई है। 14 जनवरी की रात करीब 10:15 बजे लूटी गई चिराग अग्रवाल की टियागो कार को बदमाशों ने वारदात के करीब तीन घंटे बाद मिशलगढ़ी की न्यू भारतपुरम कॉलोनी में दिल्ली धर्मकांटा वाली गली के पीछे खाली पड़े प्लॉट में छोड़ दिया था। इससे पहले बदमाशों ने गौरव चंदेल की लूटी थी। सेल्टोस कार लूटने के बाद चिराग की कार लूटी गई थी। रात करीब 10:35 बजे बदमाश चंदेल की कार को आकाश नगर में छोड़कर चिराग की गाड़ी से भाग गए थे। बदमाशों ने चिराग को हापुड़ रोड पर फेंक दिया था। चिराग को फेंकने के बाद बदमाश टियागो कार से नए शिकार की तलाश में भटकते रहे। शिकार हाथ न लगने पर 15 जनवरी की तड़के करीब 1:25 बजे वह चिराग की कार को भी लावारिस हालत में छोड़कर भाग गए।
बता दें कि यह बात सीसीटीवी फुटेज से पुख्ता हुई है। इसमें एक बदमाश कार सेजा रहा है। हालांकि कैमरा क्वालिटी अच्छी न होने के कारण बदमाश का चेहरा साफ दिखाई नहीं दे रहा है। 24 घंटे बाद एक स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी। उसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना पर नोएडा पुलिस व एसटीएफ ने काम शुरू कर दिया। बदमाश टियागो कार को लेने आएंगे, यह सोचकर पुलिस ने वहां से कार नहीं हटाई। आसपास पुलिसकर्मी निगरानी में लगा दिए, लेकिन लूटी टियागो कार खड़ी होने की सूचना लीक होने पर रविवार सुबह कविनगर पुलिस को सूचना दी गई। लॉक होने के चलते कार को क्रेन की मदद से थाने लाया गया।
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कपड़े और लड्डू बिखरे पड़े थे कार में
कार की दूसरी चाबी चिराग के पास थी, जो मुरादाबाद गया हुआ था। देर शाम चिराग गाजियाबाद पहुंचा अंदर देखा तो पिछली सीट पर कुछ पकड़े और फर्श पर लड्डू बिखरे हुए थे। चालक की बगल में कुछ दस्तावेज कार के फ्लोर पर पड़े थे।
अब सीसीटीवी के भरोसे पुलिस
चिराग की कार मिलने के बाद एसटीएफ नोएडा और गाजियाबाद पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। कई स्थानीय लोगों से पूछताछ की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गईं। सूत्रों ने बताया कि गली के बाहर एक शोरूम में लगे सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले ली है। बदमाश चिराग की कार को ले जाते हुए दिख रहे हैं। साथ ही एक बदमाश कार खड़ी कर निकलता दिख रहा है। हालांकि फुटेज से बदमाश की पहचान कर पाना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है। जहां खाली प्लॉट में कार खड़ी मिली, वहां भी दो घरों में सीसीटीवी लगे मिले हैं लेकिन एक कैमरे की क्वालिटी बेहद खराब होने से पुलिस को कोई खास फायदा होता नजर नहीं आ रहा। बावजूद इसके पुलिस सभी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है।
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नए गैंग की पुलिस को तलाश
आकाशनगर और मिशलगढ़ी में लूटी गई दोनों कारों के मिलने के बाद पुलिस का शक बदमाशों के नए गैंग पर गहरा गया है। पुलिस अब आशु गैंग के साथ-साथ नई उम्र के बदमाशों पर भी फोकस कर रही है। वैसे भी चिराग ने पुलिस को बताया था कि उसके साथ लूटपाट करने वाले बदमाश तीन थे और दो की उम्र करीब 25-26 साल थी। एक बदमाश करीब 30 साल का था। पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस को शक है कि बदमाश इसी इलाके के हो सकते हैं। जिन्हें क्षेत्र की पूरी जानकारी है।
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