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हज हाउस में बनेगा बॉटनिकल गार्डन, एसटीपी के पानी से होगी सिंचाई

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हज हाउस में बनेगा बॉटनिकल गार्डन, एसटीपी के पानी से होगी सिंचाई
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गाजियाबाद। हज हाउस की सील हट गई है, लेकिन अभी इसको शुरू नहीं किया जा सकता है। हज हाउस में एसटीपी सहित अन्य निर्माण को सफलतापूर्वक पूरा होने और सील खुलने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया के सदस्य हाजी इरफान ने इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुए आयोजन में हज हाउस में बॉटनिकल गार्डन बनाने से लेकर हज हाउस से रेवेन्यू जेनरेट करने के लिए शादी के आयोजन करने की योजना बनी है।
मंगलवार को हज कमेटी ऑफ इंडिया के सदस्य सहित उप निदेशक अल्पसंख्यक अमृता सिंह, एसीएम खालिद अंजुम, सीएनडीएस के प्रबंधक डीके भारद्वाज और सीएनडीएस के इंजीनियर मोहित शर्मा सहित अल्पसंख्यक विभाग से साबिर अली, अबशार अहमद और जाकिर अली मौजूद रहे। इन सभी को सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिशिएशन दिया गया। इस मौके पर अमृता सिंह ने बताया कि हज हाउस की सील खुल गई है, लेकिन अभी भी चार हफ्ते के अंदर हज हाउस के टेक्निकल जांच रिपोर्ट पेश करना है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि हज हाउस के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले कचरे को आर्गेनिक खाद बनाया जाएगा। इसके साथ ही हज हाउस में एक बॉटनिकल गार्डन भी बनेगा जिसकी सिंचाई एसटीपी के ट्रीटेड पानी से की जाएगी। इसके साथ ही यह बताया कि हज हाउस के मेंटेनेंस के लिए रेवेन्यू की भी जरूरत पड़ेगी, इसलिए हज यात्रा के बाद इस भवन को विवाह, कांफ्रेंस, सरकारी मीटिंग सहित अन्य कार्र्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा आयुष्मान भारत का रजिस्ट्रेशन सेंटर भी बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है।
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बिजली कनेक्शन न होने से नहीं हो पा रहा संचालित
हज हाउस के बिजली बिल पेमेंट का विवाद अभी तक नहीं सुलझ सका है। बिजली का बिल जमा ना होने के कारण हज हाउस के बिजली कनेक्शन नहीं मिला है। बिजली कनेक्शन ना होने की वजह से एसटीपी बनने के बाद भी इसको संचालित नहीं किया जा सका है। बैठक में सभी बिजली का बिल कौन अदा करे इस पर सहमति नहीं बन पाई। अभी तक हज हाउस पर लगभग 22 लाख का बिजली का बिल बकाया है। जबकि सीएनडीएस का कहना है कि उन्होंने जनरेटर से कंस्ट्रक्शन का काम किया था, इसलिए बिजली का बकाया बिल उनकी जिम्मेदारी नहीं है। अंत में हज कमेटी के सदस्य ने कहा कि इस समस्या को शासन स्तर पर सुलझाया जाएगा और हज कमेटी इस बिजली के बिल का भुगतान करेगी।
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