कोयले से चलने वाले उद्योगों पर फिलहाल कार्रवाई नहीं
गाजियाबाद। जिले में कोयले से चलने वाले उद्योगों पर फिलहाल बंदी की कार्रवाई नहीं होगी। सोमवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन जेपीएस राठौर ने वार्ता में उद्यमियों को पीएनजी में उद्योगों को शिफ्ट किए जाने के मसले पर अंतिम निर्णय न होने तक कोई भी कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया है। गाजियाबाद से विभिन्न औद्योगिक संगठनों से करीब 15 उद्यमी बैठक में मौजूद रहे।
एनजीटी के आदेश पर अगस्त की शुरुआत में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 15 दिन में कोयले से चलने वाले उद्योगों को पीएनजी में शिफ्ट करने के निर्देश जारी किए थे। ऐसा न करने पर औद्योगिक इकाईयों को सील करने की चेतावनी दी गई थी। इस निर्देश से मचे हड़कंप के बीच उद्यमियों ने अपना पक्ष बोर्ड के समक्ष रखने की कवायद शुरू की। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सामने पक्ष रखने के बाद बीते सोमवार को लखनऊ में बैठक के लिए उद्यमियों को बुलाया गया। एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रियल मैन्यूफैक्चर्स की तरफ से अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह, डीके गुप्ता, संजय विग, बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र से राजीव अरोड़ा सहित अन्य उद्यमी बैठक में शामिल हुए। प्रीतपाल सिंह ने बताया कि उद्यमियों ने बैठक में अपनी समस्याआें को रखा और इतने कम समय में पीएनजी पर उद्योगों को शिफ्ट करने में असमर्थता जाहिर की। इसके अलावा इसमें आने वाली जटिलताओं को भी अधिकारियों के समक्ष रखा। उद्यमी राजीव अरोड़ा ने बताया कि आगरा और फिरोजाबाद में पीएनजी में शिफ्ट हुए उद्योगों को सब्सिडी दी गई है, गाजियाबाद में भी सब्सिडी दिए जाने की मांग की गई है।