हाईटेक सिटी में बिल्डर जमीन खरीद सकता है या नहीं, होगी पड़ताल
गाजियाबाद। एनएच-9 से सटी हाईटेक टाउनशिप से प्रभावित 18 गांवों के 3000 से अधिक किसानों को एक माह के अंदर राहत मिल सकती है। हाईटेक टाउनशिप योजना को लेकर बीते मंगलवार को लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी की बैठक हुई। बैठक में टाउनशिप में बची किसानों की जमीन को खरीदने में बिल्डर सक्षम हैं या नहीं, इसकी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट एक माह में देने के लिए जीडीए को आदेश दिए गए हैं। बिल्डर के किसानों की जमीन को खरीद पाने में असमर्थता जाहिर करने पर एक माह बाद होने वाली हाई पावर कमेटी की बैठक में जमीन की अधिसूचना को रद्द करने पर निर्णय लिया जाएगा।
लखनऊ में बीते मंगलवार को हुई बैठक पर जीडीए अधिकारियों के साथ खासकर किसानों की निगाह बनी हुई थी। बैठक हाईटेक टाउनशिप योजना की अब तक की हुई प्रगति की पूरी समीक्षा हुई। जीडीए अधिकारियों की ओर से टाउनशिप की विस्तृत रिपोर्ट रखी गई। इस पर बैठक के बाद जीडीए से किसानों की बची हुुई जमीन को खरीदने में बिल्डर सक्षम है या नहीं, इसकी पूरी पड़ताल कर विस्तृत रिपोर्ट सबमिट करनी होगी। बता दें कि टाउनशिप में वेव सिटी नेे 4494 एकड़ में से अब तक केवल 3035 एकड़ जमीन खरीदी है। जीडीए की रिपोर्ट पर वेव सिटी की जमीन संबंधी अधिसूचना अगर रद्द होती है तो बिल्डर की परेशानी बढ़ सकती है।
अधिसूचना रद्द होने या फिर कोई नीतिगत फैसला होने पर वेव सिटी से प्रभावित 18 गांवों के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें अपनी जमीन बेचने का अधिकार मिल सकता है। वेव सिटी के साथ ही हाईटेक टाउनशिप के दूसरे बड़े प्रोजेक्ट सन सिटी से प्रभावित किसानों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सन सिटी में तो बिल्डर को 4312 एकड़ जमीन खरीदनी थी, लेकिन अब तक 671 एकड़ जमीन की खरीदी जा सकी है। ऐसे में शासन के फैसले पर किसानों की निगाहें टिकी हुई हैं। बता दें कि शासन ने 2006 में हाईटेक टाउनशिप के लिए लाइसेंस प्रदान किए गए थे।
सालों बीते, लेकिन पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई योजना
योजना में एनएच-9 किनारे वेव सिटी और सन सिटी है। वेव सिटी की ओर से लोगों को सस्ते मकान का झांसा देकर करोड़ों की बुकिंग की गई। इसके अलावा योजना में स्कूल, स्वीमिंग पूल, क्लब, अस्पताल सहित आदि सुविधाएं विकसित होनी थीं। लेकिन योजना में करीब पांच से छह सालों तक तो निर्माण कार्य बेहद धीमी रफ्तार तक चलता रहा। ऐसे बड़ी संख्या में लोगों की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। हाईटेक सिटी योजना में नायफल, बनाया, काजीपुर, इकला, रघुनाथपुर, महरौली सहित करीब 18 गांवों के किसानों की जमीन फंसी हुई है।
कोट...
शासन में हुई बैठक में बिल्डर किसानों की जमीन खरीदने की स्थिति में है या नहीं, इसकी एक माह में विस्तृत रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है। एक माह बाद होने वाली बैठक में अधिसूचना के बाबत फैसला लिया जाएगा। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए