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बिल्डर्स को नहीं एफआईआर का डर एकल यूनिट पर बना रहे मल्टी स्टोरी

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बिल्डर्स को नहीं एफआईआर का डर एकल यूनिट पर बना रहे मल्टी स्टोरी
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साहिबाबाद। वसुंधरा में अवैध निर्माण करने वालों का हौसला बढता ही जा रहा है। बीते एक सप्ताह के अंदर 15 बिल्डरों के खिलाफ अवैध निर्माण में मुकदमा दर्ज कराने के बाद भी एकल यूनिट पर बहुमंजिला निर्माण रुक नहीं रहा है। ताजा उदाहरण सेक्टर तीन का है। यहां शनिवार को आवास विकास परिषद (आविप) के अफसरों ने एक अवैध निर्माण को रुकवा दिया। अफसरों के जाते ही अगले दिन निर्माणकर्ता ने फिर से निर्माण शुरू कर दिया। सोमवार को इंदिरापुरम थाने में निर्माणकर्ता के खिलाफ शिकायत दी गई है।आविप के एक्सईएन अतुल कुमार ने बताया कि स्थानीय निवासियों ने वसुंधरा सेक्टर तीन के एक प्लॉट पर अवैध निर्माण होन की शिकायत की थी। एकल प्लॉट पर चौथी मंजिल के लिए लेंटर डाला जा रहा था जबकि एकल यूनिट पर ढाई से तीन मंजिल तक के ही निर्माण का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद शनिवार सुबह छह बजे ही आविप अफसरों की टीम मौके पर पहुंची और काम रुकवा दिया। उन्हें चेतावनी दी गई कि नियमों के विपरीत चौथी मंजिल का निर्माण न करे। बावजूद रविवार को निर्माणकर्ता ने दोबारा लेंटर डालने की तैयारी की थी। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने फिर दी इसके बाद सोमवार को आविप टीम ने काम रुकवा दिया। निर्माणकर्ता के खिलाफ थाना इंदिरापुरम में मामले की शिकायत दी गई है।
अवैध निर्माण रोकने की व्यवस्था है लुंजपुंज
आवास विकास के पास अवैध निर्माण रोकने की कोई कारगर व्यवस्था ही नहीं है। अक्सर आविप अधिकारी इस बात का रोना रोते हैं कि उन्हें कार्रवाई के लिए फोर्स नहीं मिलती। जीडीए के पास अपनी फोर्स है लेकिन यह सुविधा आविप के पास नहीं है। अधिकारियों का ही कहना है कि वसुंधरा के सेक्टर एक से 19 तक में करीब एक हजार अवैध निर्माण हुए हैं। एक लंबे समय के बाद 20 जून को आविप ने फोर्स मिलने के बाद वसुंधरा के चार सेक्टरों में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जिसमें मात्र 13 निर्माणों पर कार्रवाई हो सकी। इसके बाद आविप अधिकारियों की तरफ से कहा गया कि अब अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा लेकिन 20 जून के बाद फिर अभियान नहीं चला। इससे अवैध निर्माण करने वाले बिल्डरों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
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एफआईआर पर नहीं हो रही कार्रवाई
पिछले दिनों दो विधायकों ने वसुंधरा में अवैध निर्माण की शिकायत शासन तक पहुंचाई थी। इसके बाद धराधर बीते एक सप्ताह के अंदर 15 निर्माणकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके पहले बीते एक साल में करीब दो दर्जन लोगों के खिलाफ एफआईआर की गई थी जबकि तहरीर करीब सौ के खिलाफ दी गई है। इनमें से किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इंदिरापुरम थाने के एसएचओ संदीप सिंह का कहना है कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन पुलिस की जांच में कोई दम नहीं दिख रहा है।
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