चुनाव में पुलिस का सिरदर्द बनेंगे लापता और आदतन अपराधी
गाजियाबाद। विधान सभा चुनाव शंतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। लोकसभा, विधान सभा और बीते दिनों हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की समीक्षा करते हुए पुलिस ने ऐसे बवालियों को चिन्हित करना शुरू कर दिया, जो शांतिपूर्ण चुनाव में खलल डाल सकते हैं। लेकिन, ऐसे में पुलिस लापता चल रहे 600 से अधिक अपराधी पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। इनमें करीब सवा तीन सौ हिस्ट्रीशीटर भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता बदमाशों की सुरागरसी तेज कर दी गई है।
पांच पूर्ण और एक आंशिक विधानसभा है जिले में
विधान सभा चुनाव के नोडल अधिकारी और एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि जिले में पांच साहिबाबाद, लोनी, मोदीनगर, मुरादनगर और सदर विधानसभा हैं। इसके अलावा हापुड़ की धौलाना विधानसभा का भी कुछ क्षेत्र जिले में आता है। लोनी, मोदीनगर और मुरादनगर विधानसभा ग्रामीण क्षेत्र में आती हैं। पूर्व में हुए चुनावों में दर्ज हुए केस, चिन्हित किए गए बवाली, संवेदशील मतदान केंद्र व मतदेय स्थलों की समीक्षा की जा रही है। बवालियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।
-------------
लापता बदमाश
रजिस्टर्ड गैंग के 280 से अधिक बदमाश लापता : जिले में लूट, डकैती, वाहन चोरी, चोरी, स्नेचिंग की वारदात करने वाले 190 गैंग रजिस्टर्ड हैं। इनमें 185 गैंग जिला स्तरीय और 5 मंडल स्तरीय हैं। रजिस्टर्ड गैंग में 835 अपराधी शामिल हैं। रजिस्टर्ड गैंग के 250 से अधिक बदमाश जेल में हैं तो वहीं 20 से अधिक की मौत हो चुकी है। रजिस्टर्ड गैंग के 280 से अधिक बदमाश लापता हैं।
सवा तीन सौ हिस्ट्रीशीटर लापता : जिले में 1350 हिस्ट्रीशीटर हैं। इनमें से करीब सवा तीन सौ हिस्ट्रीशीटर फरार चल रहे हैं। बीते दिनों चले अभियान में पता चला कि करीब 450 हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं और 18 की मौत हो चुकी है। करीब सवा तीन सौ हिस्ट्रीशीटर लापता हैं।
40 इनामी बदमाशों का भी पता नहीं : फरार चल रहे बदमाशों में 40 इनामी भी शामिल हैं। इनमें 5 हजार से लेकर 50 हजार तक के इनामी बदमाश हैं। इनमें वह बदमाश भी शामिल हैं जिन पर तीन साल पहले से इनाम चला आ रहा है।
-------------
तीन चुनावों में दर्ज हुए 45 मामले
नोडल अधिकारी ने बताया कि 2017 के विधानसभा चुनाव में 43 मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके अलावा 2019 में लोकसभा चुनाव में भी 7 केस दर्ज हुए। इसके अलावा पांच मामले पंचायत चुनाव में दर्ज हुए। इन मुकदमों की समीक्षा की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि इन मुकदमों में नामजद आरोपियों ने क्या अपराध किया था। साथ ही इन मुकदमों का स्टेटस भी जांचा जा रहा है। पंचायत चुनाव में दर्ज हुए जिन केसों में चार्जशीट नहीं लगी, उनमें तत्परता से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
--------------
चुनाव के मद्देनजर यह चल रही प्रक्रिया
- चुनावों में शराब तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में शराब माफियाओं को तलाशा जा रहा है। पूर्व में पकड़े गए शराब माफिया, तस्करों की गतिविधियां देखी जा रही हैं।
- अवैध असलहों की सप्लाई करने वालों व उन्हें बनाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार होने वाले आरोपियों से पता लगाया जा रहा है कि वह कहां से असलहा लाए हैं।
- हर गांव व कॉलोनी में पुलिस स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर बवाली किस्म के लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- शस्त्र लाइसेंस धारकों के असलहा जमा कराए जाएंगे।
--------------
- 729 मतदान केंद्र।
- 3359 मतदेय स्थल।
- 174 क्रिटिकल मतदान केंद्र (लोकसभा चुनाव)।
- 515 क्रिटिकल मतदेय स्थल (विधानसभा चुनाव)।
- 15474 शस्त्र लाइसेंस धारक।
- 43 केस विधानसभा चुनाव में हुए दर्ज।
- 07 केस लोकसभा चुनाव में दर्ज हुए।
- 05 केस पंचायत चुनाव में दर्ज हुए।