कोविड लेवल-2 अस्पताल में 23 डॉक्टरों की कमी
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण का नया स्वरूप ओमिक्रॉन फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग तैयारी में जुटा है। कोविड लेवल-2 संयुक्त अस्पताल में 23 डॉक्टरों की कमी है। संक्रमण फैला तो इलाज में परेशानी हो सकती है। अस्पताल से पिछले एक साल में आठ डॉक्टर जा चुके हैं। जबकि 15 डॉक्टरों की कमी पहले से बनी हुई है।
संजय नगर स्थित अस्पताल में कोविड लेवल-2 में 20 बेड का पीकू सेंटर बनाया गया है। अस्पताल में सामान्य इलाज के लिए 38 डॉक्टरों की जगह सिर्फ 15 डॉक्टर हैं। कोविड लेवल-2 के मानक के अनुसार चार शिफ्ट में 16 डॉक्टर, पीकू के लिए पांच बाल रोग विशेषज्ञ और छह रेजीडेंट डॉक्टरों की जरूरत है।
सामान्य ओपीडी में होती है परेशानी
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से आए दिन ओपीडी में इलाज में परेशानी होती है। अस्पताल में फिजिशियन की जगह मरीजों का इलाज एनेस्थेटिस्ट (बेहोशी का डॉक्टर) करते हैं। उनके इमरजेंसी में रहने पर सीएमएस ओपीडी में मरीजों का इलाज करते हैं।
एमएमजी में तीन, संयुक्त में एक भी नहीं
इस समय एमएमजी अस्पताल में तीन फिजिशियन हैं। चार सर्जन और दो त्वचा रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि संयुक्त अस्पताल में एक भी फिजिशियन, सर्जन और त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस का कहना है कि नई तैनाती के लिए जो डॉक्टर आ रहे हैं उनके ज्वाइनिंग लेटर में लखनऊ से अस्पताल का नाम लिखा होता है। ऐसे में वो कैसे दूसरे अस्पताल भेज सकते हैं।
मौजूदा स्टाफ से बेहतर का प्रयास
वीडियो कांफ्रेंसिंग के अलावा पत्र द्वारा भी प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को अवगत कराया जा चुका है। कई बार डॉक्टरों की कमी से इलाज में परेशानी आती है, लेकिन मौजूदा स्टाफ से बेहतर करने का प्रयास किया जाता है।
डॉ. संजय कुमार तेवतिया, सीएमएस कोविड लेवल-2
जरूरत पर दूसरे अस्पतालों से लगाएंगे
डॉक्टरों की कमी के बारे में शासन को जानकारी दी जा चुकी है। अगर संक्रमित मरीज मिलते हैं तो उनका इलाज किया जाएगा। अन्य अस्पतालों से डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड अस्पताल में लगाई जाएगी।
डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
कोविड अस्पताल में जल्द होगी तैनाती
कोरोना के नए स्वरूप के इलाज के लिए हमारे पास सभी संसाधन मौजूद हैं। सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। इस सत्र में जिले में 20 डॉक्टरों की नियुक्ति हुई है। कोविड अस्पताल में जल्द ही और डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी।
अतुल गर्ग, स्वास्थ्य राज्यमंत्री
इन डॉक्टरों का हुआ तबादला
पैथोलॉजिस्ट - डासना जेल
सर्जन - मेरठ सीएमओ बन गए
महिला ईएमओ - छोड़ दिया
पुरुष ईएमओ - छोड़ दिया
एनेस्थेटिस्ट - दोबारा ज्वाइनिंग का कार्यकाल पूरा
तीन महिला चिकित्सक - सेवानिवृत्त
यह है मौजूदा स्थिति
अस्पताल में डॉक्टरों के पद - 38
डॉक्टर कार्यरत - 15
पीकू सेंटर पर जरूरत - छह बाल रोग विशेषज्ञ - कार्यरत दो
रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) - छह - एक भी नहीं
स्टाफ नर्स, वार्ड ब्याय और स्वीपर - 10-10
फिजिशियन - चार - एक भी नहीं
चेस्ट फिजिशियन - चार - एक भी नहीं
कार्डियोलॉजिस्ट - दो - एक भी नहीं
वेंटिलेटर विशेषज्ञ - दो - एक भी नहीं
ईसीजी टेक्नीशियन - 6 - कार्यरत एक
ओटी टेक्नीशियन - 6 - दो
महिला रोग विशेषज्ञ - छह - दो कार्यरत इनमें से एक बीमार