रात को सड़क किनारे जहां मिली जगह, वहां कूड़ा हो रहा डंप
गाजियाबाद। शहर में बीते 23 दिनों से नगर निगम कूड़ा निस्तारण के बंदोबस्त नहीं कर पाया है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों और कालोनियों में बड़े पैमाने पर कूड़े के ढेर देखे जा सकते हैं। पहले राजनगर एक्सटेंशन में स्थानीय लोगों और फिर महामाया स्टेडियम के पीछे सिटी फॉरेस्ट की जमीन पर वन विभाग की आपत्ति के बाद निगम ने कूड़ा डालने पर रोक लगाई। अब रात तो सड़क किनारे जहां जगह निगम कर्मियों को दिखाई देती है, वहां कूड़ा डंप किया जा रहा है। इससे समस्या खत्म होने की जगह बढ़ती जा रही है। दूसरी ओर हिंडन नदी से सटे डूब क्षेत्र में डंप हुए कूड़े को लेकर पर्यावरणविदों में नाराजगी है।
गालंद में कूड़ा डंप करने को लेकर स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। शुक्रवार को भी ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। बीते दिनों नगर निगम अधिकारियों ने गालंद में जमीन पर कब्जा लेकर बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराने की बात कही थी। बाउंड्रीवॉल निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू की गई, लेकिन बारिश का पानी जमा होने से प्रक्रिया रोकनी पड़ी। गालंद में विरोध और कई साइटों पर कूड़ा डंप करने पर लगी रोक के साथ निगम के वाहन अंधेरे में नेशनल हाईवे के किनारे और सिटी फॉरेस्ट के आसपास कूड़ा डाल रहे हैं। ऐसे में शहर में प्रतिदिन निकलने वाले करीब 1200 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण नहीं कर पाने से मशीनरी पर सवाल उठ रहे हैं।
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हिंडन किनारे कूड़ा डंप करने की आईजीआरएस पर शिकायत:
हिंडन नदी के किनारे बड़े पैमाने पर कूड़ा डंप किए जाने से पर्यावरण और जल के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। वाहनों से बड़े पैमाने पर रात में कूड़ा डंप किए जाने से निगम की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर एनजीटी के आदेशों के हो रहे उल्लंघन पर निगम अधिकारी घिरते नजर आ रहे हैं। हिंडन के डूब क्षेत्र में कूड़ा डंप करने के मामले की पर्यावरण प्रेमियों ने आईजीआरएस पर शिकायत की है।
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निगम के साथ सिंचाई विभाग ने मूंद रखीं हैं आंखें:
1. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट-2016 के प्रावधानों का सरासर उल्लंघन कर हिंडन नदी किनारे कूड़ा डंप करने का मामला गंभीर है। मामले में निगम के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आंखें बंद रखीं। पर्यावरण के साथ हो रहे खिलवाड़ और एनजीटी के आदेशों के उल्लंघन पर कार्रवाई होनी चाहिए। -- आकाश वशिष्ट, पर्यावरणविद
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हिंडन का अस्तित्व खत्म करने का प्रयास:
2. याचिका पर एनजीटी ने 2015 में हिंडन नदी या अन्य किसी भी नदी के किनारे कूड़ा डालने पर रोक लगाई थी। उसके बावजूद हिंडन नदी किनारे लगातार बड़े पैमाने पर कूड़ा डंप किया जा रहा है। मामले में डीएम, नगरायुक्त केसाथ आईजीआरएस पर शिकायत की गई है। यह हिंडन के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास है। -- विक्रांत शर्मा, पर्यावरणविद
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