56 गांव में जमीन पर कब्जा लेगा निगम, आएंगी विकास योजनाएं
गाजियाबाद। नगर निगम क्षेत्र में आने वाले 56 में से 35 गांवों का सिजरा और खतौनी मिलने के बाद अब निगम ने अपनी जमीन पर कब्जा लेने की तैयारी शुरू कर दी है। निगम अगले सप्ताह से 35 गांव में जमीन की जांच पड़ताल के लिए खसरों के हिसाब से सर्वे शुरू करेगा। सर्वे में जमीन चिह्नित होने के बाद कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। निगम की योजना जमीन को कब्जा मुक्त कराकर अस्पतालों, पार्क और खेल मैदान विकसित करने की है। वहीं, गांव में जमीन हासिल होने के बाद शहर के विकास को रफ्तार देने के लिए अन्य योजनाओं का खाका खींचा जाएगा।
शहर में शामिल हैं निगम क्षेत्र के अधिकांश गांव
नगर निगम क्षेत्र के अधिकांश गांव वर्तमान में शहर से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अपनी जमीन हासिल करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने पूरी कवायद शुरू की है। कब्जे वाली जमीन को चिह्नित करने के लिए निगम प्रशासन ने सबसे पहले 35 गांव का सिजरा और खतौनी हासिल कर लिए हैं। ऐसे में क्षेत्रवास खसरा के अनुसार निगम की दस्तावेजों में जमीन की जांच और फिर मौके पर जाकर सही स्थिति की आंकलन किया जाएगा। विस्तृत सर्वे में निगम की जमीन की पड़ताल होने के बाद सिलसिलेवार कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
कब्जा मुक्त करा पहले होगी चाहरदिवारी-तारबंदी:
निगम क्षेत्र के आने वाले गांव में करोड़ों की जमीन हासिल करने की सिलसिलेवार योजना बनाई गई है। जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए लंबा अभियान चलेगा। इस बार निगम ने कब्जामुक्त कराई गई जमीन को सुरक्षित करने के उद्देश्य से चाहरदीवारी व तारबंदी करने का खाका खींचा है। पार्षदों की ओर से बोर्ड बैठक में निगम की जमीन पर होने वाले अवैध कब्जे का हर बार मामला उठाया जाता है। निगम पार्षदों ने विभिन्न स्थानों पर निगम की करोड़ों की जमीन पर हुए कब्जे का ब्यौरा भी अधिकारियों को उपलब्ध कराया है।
विकास योजनाओं के जमीन की कमी होगी दूर
राज्य स्मार्ट सिटी सहित अन्य योजनाओं के तहत निगम शहर में तमाम विकास कार्य करा रहा है। वहीं, भविष्य में आने वाली विकास योजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गांव क्षेत्र में अपनी जमीन पर कब्जा लेने की तैयारी है। जमीन पर कब्जा हासिल होने के बाद गांवों में खिलाड़ियों के लिए नए खेल मैदान, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नए अस्पताल और पार्कों को विकसित करने पर काम होगा। वहीं, शासन स्तर से आने वाली अन्य विकास योजनाओं के लिए निगम को जमीन की कमी नहीं झेलनी होगी।
निगम क्षेत्र में आने वाले गांव
नगर निगम के क्षेत्र में सिहानी, सद्दीकनगर, नूरनगर, गढ़ी, मोरटा, सिकरोड़, दुहाई, मिलक, गुलधर, रईसपुर, सदरपुर, हरसांव, रजापुर, नासरपुर, जटवाड़ा, कैला, मवई, बम्हैटा, महरौली, बयाना, काजीपुरा, डूंडाहेडा, नायफल, मकनपुर, प्रहलादगढ़ी, साहिबाबाद, झंडापुर, महाराजपुर, हसनपुर भोवापुर, कहरेड़ा, अर्थला, पसौंडा, सिकंदरपुर, मैनापुर, मिर्जापुर सहित अन्य गांव शामिल हैं।
कोट...
जमीन की पड़ताल का होगा सर्वे
निगम क्षेत्र में आने वाले गांवों के हासिल हुए सिजरा व खतौनी के बाद अब जमीन चिह्नित करने के लिए सर्वे शुरू होगा। सर्वे में गांवों में निगम की कितनी जमीन है, उसे चिह्नित किया जाएगा। फिर सिलसिलेवार जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जमीन कब्जामुक्त कराकर उसकी चाहरदिवारी भी कराई जाएगी। -- आरएन पांडेय, अपर नगरायुक्त