दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माण पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
गाजियाबाद। बारिश के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जलभराव और जमीन धंसने का मुद्दा अब गरमा गया है। कांग्रेस ने बुधवार को अपने फेसबुक एकाउंट पर कोलाज के अंदर एक्सप्रेसवे की चार तस्वीरें पोस्ट की। साथ में लिखा कि 8346 करोड़ की सड़क का बुरा हाल है। मानसून की बारिश में 26 जगहों से एक्सप्रेसवे उखड़ गया है। कई जगह पर जमीन धंस गई है। डासना से मेरठ के बीच चौथे चरण में पानी की निकासी के लिए बनाई गई नालियां मिट्टी दरकने से बह गई हैं। कांग्रेस ने भाजपा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
सराय काले खां से मेरठ के बीच (चिपियाना रेलवे ओवर ब्रिज छोड़कर) एक्सप्रेसवे पूरी तरह से तैयार है। अप्रैल में डासना से मेरठ के बीच के चौथे चरण को यातायात के लिए खोल दिया गया था लेकिन अब 32 किलोमीटर के इस हिस्से में बारिश के बाद मिट्टी धंसने, पानी की निकासी को बनाई गई नालियों के टूटने और कई जगहों पर मुख्य सड़क के धंसने के मामले सामने आ रहे हैं। इसी तरह से पहले चरण में सराय काले खां से यूपी गेट और दूसरी चरण में यूपी गेट से डासना के बीच कई जगहों पर बारिश में जलभराव की समस्या है। सात अगस्त को बारिश के बाद एक्सप्रेसवे के दूसरे चरण में खोड़ा के सामने मुख्य सड़क पर पानी भर गया था, जिसका वीडियो और तस्वीरें भी खबर वायरल हुई थीं। इंडियन नेशनल कांग्रेस के फेसबुक एकाउंट से उस जलभराव की फोटो भी पोस्ट की गई है। उधर, एनएचएआई के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग का कहना है कि जब कोई प्रोजेक्ट बनता है तो शुरूआत में कुछ दिक्कतें आती हैं। एक्सप्रेसवे के मेंटेनेंस का ठेका निर्माण एजेंसी के पास है और वह कमियों की ठीक कर रही है।