फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महागुनपुरम में दूषित पानी पीने से लोगों के बीमार होने की फिर होगी जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
महागुनपुरम में दूषित पानी पीने से लोगों के बीमार होने की फिर होगी जांच
विज्ञापन

गाजियाबाद। एनएच-9 से सटी महागुनपुरम सोसायटी में मार्च माह में दूषित पानी पीने से 250 से ज्यादा लोगों के बीमार होने के मामले की जांच दोबारा होगी। स्थानीय लोगों की शिकायत पर इसकी जांच के लिए डीएम की संस्तुति पर एक कमेटी का गठन किया गया है। जांच समिति में जीडीए के अधिकारी के साथ नगर निगम के महाप्रबंधक और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल मैनेजर को शामिल किया गया है।
विज्ञापन

20 मार्च को महागुनपुरम सोसायटी के 11 टावरों में दूषित पानी की आपूर्ति हो गई थी। पानी पीने से एक ही दिन में करीब 250 से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। इस घटना से प्रशासनिक अफसरों के भी हाथ पांव फूल गए थे। आनन फानन स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सोसायटी में पहुंचकर लोगों की जांच की और गंभीर लोगों को अस्पताल पहुंचाया था। इस मामले में जांच की गई तो पता चला कि एसटीपी का पानी ओवरहेड टैंक में भर दिए जाने से घरों में गंदा पानी सप्लाई हो गया था। इसकी वजह से लोग बीमार हुए। स्वास्थ्य विभाग के संक्रामक रोग विभाग ने दिल्ली की प्राइवेट लैब में पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे थे, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं दी गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले को दबा दिया गया। इससे नाराज स्थानीय लोगों ने जीडीए वीसी से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की थी। जीडीए वीसी की संस्तुति पर डीएम राकेश कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर उत्सव शर्मा, नगर निगम के महाप्रबंधक योगेश श्रीवास्तव, जीडीए के एक सीनियर अधिकारी और एक मजिस्ट्रेट को शामिल कर जांच कमेटी बनाई है। इस जांच कमेटी जल्द से जल्द जांच पूरी कर डीएम को रिपोर्ट सौंपनी है। डीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि रिपोर्ट मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें