शहर के पांच लाख भवनों को मिलेगा 17 अंकों का पता
गाजियाबाद। शहर के पांच लाख भवनों को नगर निगम नया पता देगा। इन व्यावसायिक और रिहाइशी भवनों को नगर निगम यूनिक आईडी कोड देगा। 17 डिजिट के इस कोड में राज्य से लेकर मोहल्ले तक की सारी जानकारी छिपी होगी। यूनिक आईडी के जरिए न सिर्फ भवन मालिक अपने मकान पर लगे टैक्स की जानकारी ले सकेंगे, बल्कि अधिकारी भी दफ्तर में बैठे-बैठे पता लगा लेंगे कि संबंधित भवन की लोकेशन क्या है और उस पर टैक्स का निर्धारण सही हुआ या नहीं।
नगर निगम की ओर से कराए जा रहे भवनों के जीआईएस सर्वे के बाद नगर निगम कर्मचारियों और सेटेलाइट सर्वे कर रही प्राइवेट फर्म के कर्मचारी ज्वाइंट सर्वे करेंगे। इसी दौरान भवनों को यूनिक आईडी कोड दिया जाएगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि 17 डिजिट के यूनिक आईडी कोड में पहले दो अंक राज्य, तीसरे और चौथे अंक जिले को, पांचवें और छठे अंक नगर निगम या नगर पालिका को और सातवें व आठवें अंक नगर निगम के जोन को प्रदर्शित करेगा। इसके बाद के अंक और अक्षर वार्ड नंबर, मोहल्ला या कॉलोनी और मकान की श्रेणी को प्रदर्शित करेगा।
व्यावसायिक और रिहाइशी भवन की होगी पहचान
नगर निगम कीी ओर से दी जाने वाली यूनिक आईडी कोड में व्यावसायिक, रिहाइशी और मिक्स प्रॉपर्टी को प्रदर्शित करने के लिए अलग-अलग कोड होंगे। मिलीजुली प्रॉपर्टी के लिए एम, रेजिडेंशियल के लिए आर और नॉन रेजिडेंशियल के लिए आर कोड होगा। इसके आधार पर अधिकारियों को पता चल जाएगा कि भवन की श्रेणी कौन सी है।
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नए अधिकारी भी जान सकेंगे कुंडली
मौजूदा मैनुअल सिस्टम में सबसे ज्यादा दिक्कत जोन में आने वाले नए जोनल प्रभारी, कर अधीक्षक या टैक्स इंस्पेक्टर को होती थी। नए अधिकारियों को यह नहीं पता होता है कि कौन सी प्रॉपर्टी किस स्थान पर है और उस पर टैक्स का निर्धारण पूर्व में अधिकारियों ने सही कराया है या नहीं। यूनिक आईडी कोड को नए अधिकारी गूगल पर सर्च करेंगे तो न केवल उसकी जीपीएस लोकेशन पता चल जाएगी, बल्कि उसकी पूरी डिटेल, भवन का फोटा भी दिख जाएगा। नए अधिकारियों को मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी।
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कोट
जीआईएस सर्वे का काम तेजी से कराया जा रहा है। करीब दो माह में सर्वे पूरा हो जाएगा। सर्वे के बाद नगर निगम सीमा क्षेत्र में आने वाले सभी भवनों को यूनिक आईडी कोड दिए जाएंगे। यह उस भवन की स्थायी पहचान होगी। इससे कर निर्धारण और टैक्स प्रणाली में और ज्यादा पारदर्शिता आएगी। - महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त