बिना बताए लगाया तहसील दिवस, पहुंचे सिर्फ 80 फरियादी
- तीनों तहसीलों में खाली बैठे रहे अधिकारी, नहीं मिली पूर्व सूचना
- शुक्रवार रात को ही लिया गया था संपूर्ण समाधान दिवस लगाने का फैसला
सीन-1- नेहरू नगर के सामुदायिक भवन में सदर तहसील की तरफ से आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में दोपहर 12 बजे तक भी इक्का दुक्का लोग पहुंचे थे। कुर्सी टेबल लगाकर बैठक अधिकारी फरियादियों का इंतजार कर रहे थे। यहां पर सीडीओ अस्मिता लाल व एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास शिकायतें सुनने के लिए मौजूद थीं, लेकिन सीमित संख्या में लोगों के आने से दोपहर 2 बजे तक बहुत से अधिकारी खाली बैठे रहे। सदर तहसील में महज 13 शिकायतें ही दर्ज की गईं।
सीन-2- मोदीनगर में दिल्ली-मेरठ रोड स्थित तहसील परिसर के कांफ्रेंस रूम में ही तहसील दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें करीब दो घंटे की देरी से अधिकारी पहुंचे, जिसके चलते शिकायत लेकर पहुंचे फरियादियों को काफी देर इंतजार करना पड़ा। शिकायतों की सुनवाई सुबह 10 बजे से शुरू होनी थी लेकिन करीब 12 बजे के आसपास जाकर सुनवाई शुरू हो सकी। यहां पर भी कम ही लोग पहुंचे थे। यहां पर कुल 24 लोगों की शिकायतें प्राप्त की गईं।
सीन- 3- खन्ना नगर कॉलोनी स्थित तहसील में लोनी एसडीएम की मौजूदगी में समाधान दिवस लगाया गया। सामान्य दिनों में होने वाले समाधान दिवस में यहां पर खासी भीड़ रहती थी लेकिन शनिवार को सीमित संख्या में ही लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे। यहां पर सबसे अधिक शिकायतें दर्ज की गई, जिसमें से 21 शिकायतें नगर पालिका क्षेत्र में सफाई, अतिक्रमण व अन्य मुद्दों से जुड़ी हुईं थीं।
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माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कोरोना की दूसरी लहर के बाद शनिवार को अचानक से संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। उससे एक दिन पहले शुक्रवार शाम को ही सूचना विभाग की तरफ से प्रशासन ने समाधान दिवस लगाने के संबंध में जानकारी दी। अब कुछ लोगों तक इस संबंध में जानकारी मिली पाई। वहीं, शनिवार को कोरोना कर्फ्यू भी रहता है, जिसके चलते चुनिंदा लोग ही अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। जबकि परिस्थितियों में समाधान दिवस आयोजित होने पर जिले भर में तीन से चार सौ शिकायतें प्राप्त हो जाती थीं लेकिन शनिवार को जिले की तीनों तहसीलों में सिर्फ 80 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें सबसे कम 13 शिकायतें सदर तहसील के समाधान दिवस में आई, जबकि सबसे अधिक 43 शिकायतें लोनी में दर्ज की गईं। सीमित संख्या में लोगों के पहुंचने से फरियाद सुनने पहुंचे अधिकारी अधिकांश समय खाली बैठे रहे।
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महज सात शिकायतों का मौके पर निस्तारण
तहसील शिकायतें मौके पर समाधान
सदर 13 2
मोदीनगर 24 2
लोनी 43 3
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सामान्य दिनों में सदर तहसील में 50 से 70 शिकायतें
कोरोना की दूसरी लहर से पहले सदर तहसील के समाधान दिवस में 50 से 70 शिकायतें आती थी। जबकि सबसे ज्यादा शिकायतों के मामले में मोदीनगर तहसील सबसे आगे रहती थी, जहां 150 से 200 शिकायतें तक पहुंच जाती थी। उसके बाद लोनी तहसील का नंबर आता था। एसडीएम सदर डीपी सिंह का कहना है कि कोरोना भी एक वजह है, जिसके चलते शायद लोगों ने आने से परहेज किया है लेकिन प्रशासन की तरफ से पूरे समय अधिकारी शिकायतों की सुनवाई के लिए मौजूद रहे।
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लोनी में नगर पालिका की सबसे अधिक शिकायतें
लोनी में नगर पालिका परिषद की 21, राजस्व की आठ, पुलिस विभाग की छह, विद्युत विभाग की चार, उपश्रमायुक्त, जीडीए, डीएसओ, खंड विकास कार्यालय की एक-एक शिकायत आई। एसडीएम शुभांगी शुक्ला का कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को पांच दिन शिकायतों का निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।