समीर हत्याकांड : पूर्व विधायक वहाब चौधरी दो भतीजों के साथ गिरफ्तार
गाजियाबाद। मुरादनगर के युवक समीर की हत्या बसपा के पूर्व विधायक वहाब चौधरी ने कराई थी। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने पूर्व विधायक व उसके दो भतीजों अहद और आफताब को गिरफ्तार किया है। समीर 10 जुलाई की शाम को गायब हुआ था, उसका शव 11 जुलाई की सुबह सात बजे कब्रिस्तान के पास मिला था। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि राजनैतिक लाभ लेने के लिए वहाब चौधरी ने ही हत्याकांड की साजिश रची। हत्या के बाद बिरादरी में वर्चस्व कायम करना भी उसका मकसद था। एसपी ग्रामीण ने बताया कि पूर्व विधायक के बेटे आदिल ने हत्यारोपी अहद को पिस्टल मुहैया कराई थी। आदिल समेत चार आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि पूर्व विधायक वहाब चौधरी के भाई आस मोहम्मद ने मई 2020 में अपनी पत्नी सहाना की हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में आस मोहम्मद, उसके बेटे अहद, अहद के दोस्त समीर, शाहरुख व आस मोहम्मद की दूसरी पत्नी तबस्सुम उर्फ भूरी को जेल भेजा था। घटना के दौरान नाबालिग होने के कारण अहद और समीर बाल सुधार गृह से जल्दी छूट गए। लेकिन पुलिस ने समीर को गैंगस्टर में फिर से जेल भेज दिया। वह करीब डेढ़ माह पहले ही जेल से छूटकर आया है। आस मोहम्मद अभी भी पत्नी की हत्या के मामले में जेल में बंद है।
वहाब ने उकसाया- समीर को मारकर मां की हत्या का कलंक मिटा दे
एसपी ग्रामीण के मुताबिक अहद और समीर अच्छे दोस्त थे। पूछताछ में अहद ने बताया कि दोस्त समीर की हत्या के लिए उसके ताऊ व पूर्व विधायक वहाब चौधरी ने ही उसे उकसाया था। वहाब ने कहा था कि उसकी मां सहाना की हत्या समीर ने की थी, लेकिन आरोप उसके व उसके पिता आस मोहम्मद पर लगा। जिसके चलते बिरादरी में खानदान की बदनामी हो रही है। मां की हत्या का कलंक मिटाने के लिए ही वहाब ने भतीजे अहद को समीर की हत्या करने के लिए उकसाया। शनिवार शाम करीब 6 बजे अहद व अनस समीर को घर से बुलाकर ले गए और कब्रिस्तान के पास गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
पूर्व विधायक के बेटे ने पिस्टल दी, सुरक्षित जगह ठहरवाया
अहद ने यह भी बताया कि जिस वक्त वहाब ने उसे उकसाया, उस वक्त उसका बेटा आदिल भी वहां मौजूद था। आदिल ने ही उसे पिस्टल मुहैया कराई थी। इसके अलावा हत्या के बाद आदिल ही अहद व उसके साथी को मेरठ के परतापुर स्थित सुरक्षित ठिकाने पर ले गया था। रविवार को समीर की हत्या के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पूर्व विधायक वहाब की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने संपर्क किया तो उसने 4 घंटे में अहद को लाकर देने की बात कही और खुद परिवार समेत फरार हो गया।
इन दो वजह से पूर्व विधायक ने रची हत्या की साजिश
- भाई आस मोहम्मद द्वारा अपनी पत्नी सहाना की हत्या के बाद से बिरादरी के लोगों ने पूर्व विधायक के परिवार से दूरी बना ली थी। सामाजिक सहानुभूति लेने के लिए समीर की हत्या कराने के बाद वह सहाना की हत्या का आरोप उसी पर मढ़ता।
- भाई आस मोहम्मद पहले से जेल में है। समीर की हत्या के बाद भतीजा अहद भी जेल चला जाता। जिसके बाद पूर्व विधायक उनकी संपत्ति कब्जाने की फिराक में था। इसके लिए पूर्व विधायक ने भतीजे अहद से समीर की हत्या का जुल्म कबूलने का दबाव बनाया। कहा कि वह उसे जेल से छुड़ा लेगा। लेकिन अहद ने पुलिस को साफ-साफ बता दिया।
हत्या की साजिश में जेल में बंद आस मोहम्मद भी शामिल
पुलिस की जांच में सामने आया है कि पूर्व विधायक का जेल में बंद भाई आस मोहम्मद भी समीर की हत्या की में शामिल था। पुलिस को कुछ सुबूत भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक पत्नी की हत्या के बाद आस मोहम्मद बिरादरी में लगे कलंक को मिटाना चाहता था। समीर की हत्या के बाद पहली पत्नी सहाना की हत्या का आरोप समीर पर मढ़ देता। अधिकारियों का कहना है कि जांच की जा रही है, पुष्टि होने पर आस मोहम्मद को भी नामजद किया जाएगा।
इनसेट.....
हत्या के तीन दिन पहले ही अपने घर आया था समीर
मुरादनगर की कच्ची सराय कॉलोनी में रहने वाला समीर (19) मेरठ में मामा की पंसारी की दुकान पर काम करता था। पिता की तबीयत खराब होने पर तीन दिन पहले ही वह घर आया था। शनिवार शाम करीब 6 बजे कॉलोनी में ही रहने वाला अहद व उसके साथी समीर को घर से बुलाकर ले गए। रविवार सुबह समीर का शव प्रीत विहार कॉलोनी में कब्रिस्तान के पास पड़ा मिला। समीर के पिता शहजाद ने अहद व तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।