ब्लॉक प्रमुख की चारों सीटों पर अब भाजपा की सरकार
- भोजपुर, रजापुर के बाद मतदान प्रक्रिया के तहत लोनी और मुरादनगर की सीट भी जीती
- मुरादनगर में मतदान के बाद पर्ची के जरिए जीते भाजपा प्रत्याशी, लोनी में छह मतों से जीत
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। जिला पंचायत के बाद चारों ब्लॉक में भी भाजपा की सरकार होगी। मतदान के बाद लोनी और मुरादनगर में ब्लॉक प्रमुख के पद पर भाजपा उम्मीदवार जीत गए हैं। भोजपुर और रजापुर में पहले ही भाजपा निर्विरोध जीत चुकी है। शनिवार को लोनी में भाजपा की वंदना ने निर्दलीय प्रत्याशी रेनू कसाना पर छह मतों से जीत दर्ज की। वहीं, मुरादनगर में कांटे के मुकाबले में हंगामे के बीच भाजपा के राजीव त्यागी ने निर्दलीय साधना त्यागी को हराया। दोनों प्रत्याशियों को 35-35 वोट मिले। इसके बाद सहायक निर्वाचन अधिकारी ने साधना त्यागी के हाथ पर्ची निकलवाई, जिसमें राजीव त्यागी विजयी घोषित हुए।
चुनाव के लिहाज से सबसे दिलचस्प मुकाबला मुरादनगर सीट पर ही देखने को मिला। दोपहर तीन बजे तक चली मतदान प्रक्रिया में सभी 71 बीडीसी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उसके बाद मतगणना प्रक्रिया शुरू हुई तो साधना त्यागी का एक वोट निरस्त हो गया। मतगणना पूरी होने पर साधना त्यागी और राजीव त्यागी को बराबर 35-35 वोट मिले। सहायक निर्वाचन अधिकारी आदित्य प्रजापति ने नियम के तहत पर्ची के जरिए निर्णय निकालने का फैसला लिया। एक बॉक्स में दोनों के नाम की पर्ची डाली गई। सहायक निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि पर्ची निकालने से पहले दोनों को जानकारी दी गई कि जिसके नाम की पर्ची बॉक्स में रह जाएगी, उसी प्रत्याशी को विजयी मान लिया जाएगा। साधना त्यागी को पर्ची निकालने का अवसर दिया गया। उन्होंने जो पर्ची उठाई, उस पर उनका नाम था। बॉक्स में राजीव त्यागी के नाम की पर्ची रह गई। ऐसे में जीत का सहरा राजीव के सिर पर बंधा।
साधना त्यागी के दो वोट नहीं किए निरस्त: केडी त्यागी
बसपा से निष्कासित होने के बाद अपनी पत्नी साधना को निर्दलीय चुनाव मैदान में उतारने वाली केडी त्यागी ने आरोप लगाया कि सहायक निर्वाचन अधिकारी ने निष्पक्ष रूप से फैसला नहीं लिया। आरोप है उनका एक मत पत्र गलत जगह मुहर लगने के कारण निरस्त किया गया। लेकिन राजीव त्यागी को मिले दो वोट निरस्त होने चाहिए थे। वह नहीं किए गए। मत पत्रों पर मुहर निर्धारित जगह नहीं लगी थी। बल्कि नाम के सामने लगाई गई थी। फिर भी वोट निरस्त नहीं किए गए।
लोनी में सदस्यों पर दबाव बनाने का लगा आरोप
लोनी में वंदना को 39 वोट मिले जबकि निर्दलीय रेनू कसाना को 33 वोटों से संतोष करना पड़ा। जबकि मतगणना के दौरान दो मत पत्रों का निरस्त कर दिया गया। इस तरह से लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के परिवार से आने वाली वंदना को ब्लॉक प्रमुख चुन लिया गया। वहीं, पूर्व विधायक और कुछ स्थानीय जिला पंचायत सदस्यों के समर्थन से चुनाव लड़ रही रेनू की हार पर समर्थकों ने आरोप लगाया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान बीडीसी सदस्यों पर दबाव बनाया गया। इसको लेकर मतदान प्रक्रिया के दौरान समर्थकों ने हंगामा भी किया। हालांकि प्रशासन ने किसी भी तरह का दबाव के आरोपों को निराधार बताया है।
सड़क जाम करने उतरे केडी त्यागी के समर्थन
राजीव त्यागी के दो मत निरस्त न किए जाने की जानकारी होने पर मुरादनगर ब्लॉक कार्यालय के बाहर खड़े समर्थकों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रहा है। हंगामा करते हुए कुछ समर्थक दिल्ली-मेरठ मार्ग पर उतर आए, जिसके चलते कुछ देर के लिए सड़क जाम भी हुई।
डीएम-एसएसपी लेते रहे जायजा
चुनाव के दौरान हंगामा की आशंका को देखते हुए पुलिस व प्रशासन की तरफ से विशेष टीमें लगाई गई थी। लोनी और मुरादनगर में मतदान केंद्र के बाहर पुलिस की सख्त पहरा था। इसी बीच डीएम राकेश कुमार सिंह और एसएसपी अमित पाठक मतगणना पूरी होने तक फील्ड में ही रहे। पहले दोनों अधिकारी लोनी पहुंचे। उसके बाद दोनों लोग मुरादनगर ब्लॉक पर पहुंचे।
महिला शक्ति की सरकार
जिला और क्षेत्रीय पंचायत की राजनीति में महिलाओं का वर्चस्व होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी के बनने के बाद चार ब्लॉक में से तीन में ब्लॉक प्रमुख पद पर महिलाएं जीतीं हैं। लोनी में वंदना मतदान के बाद जीती हैं तो भोजपुर से सुचेता सिंह और रजापुर से मीनू चौधरी उर्फ मोनिका चौधरी निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख चुनी गईं हैं।
विश्वास और भरोसे की जीत: मोहित बेनीवाल
भाजपा के पश्चिम यूपी प्रदेश अध्यक्ष मोहित बेनीवाल का कहना है कि यह पार्टी के प्रति विश्वास और भरोसे की जीत है। गाजियाबाद में जिला पंचायत के बाद ब्लॉक प्रमुख पर कमल खिला है। पश्चिमी यूपी के बाकी जिलों में भी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पार्टी के ब्लॉक प्रमुख जीते हैं। बुलंदशहर में 15 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 12 जीते हैं। हापुड़ में तीन और गाजियाबाद में सभी सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार जीते हैं। साथ ही पश्चिम के 14 जिलों में 109 ब्लॉक प्रमुख के पद थे, जिसमें से 96 पर पार्टी ने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से 85 जीत कर आए हैं। अब विजयी प्रत्याशी ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।
9 दिन से लापता बीडीसी ने भी डाला वोट
खिमावती गांव निवासी मोहन उर्फ मोनू बीडीसी सदस्य एक जुलाई को संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। पिता खुशयाल सिंह ने अपहरण की आशंका जताते मोहन की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मोहन उर्फ मोनू अपना वोट डालकर निकल गया। पुलिस ने वोट डालने आए लापता बीडीसी से पूछा तक नहीं कि वह इतने दिन कहां रहा।