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कार खरीदारों के साथ डिस्काउंट घोटाला

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कार खरीदारों के साथ डिस्काउंट घोटाला, दो पर केस दर्ज
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गाजियाबाद। सिहानी गेट के न्यू आर्य नगर स्थित फॉक्सवैगन कंपनी में कार खरीदारों के साथ डिस्काउंट घोटाला सामने आया है। गड़बड़झाला किसी और ने नहीं, बल्कि कंपनी के ही सहायक सेल्स प्रबंधक और सेल्स एग्जीक्यूटिव द्वारा किया गया। एक ग्राहक की शिकायत पर फाइल चेक हुई तो दोनों की पोल खुली। जिसके बाद कंपनी के सेल्स हेड ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आरोप है कि दोनों कर्मचारी सेल्स हैड से अधिक डिस्काउंट पास कराकर ग्राहकों को कम डिस्काउंट देते थे। बाकी रकम अपने पास रखकर ग्राहकों को फर्जी रसीद थमा देते थे।
न्यू आर्य नगर स्थित फॉग्सवैगन कंपनी के सेल्स हैड लोकेश वर्मा का कहना है कि एक ग्राहक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पोलो कार की बुकिंग कैंसिल कराने पर उन्हें पांच हजार रुपये मिले। जबकि बुकिंग के दौरान उन्होंने 10 हजार रुपये लिए गए थे। प्रबंधक ने फाइल जांची तो पता चला कि कंपनी के सहायक सेल्स प्रबंधक अनिल कुमार निवासी गोविंदपुरम ने कार बुक की थी। उसने 22 फरवरी को सेल्स हैड से डिस्काउंट पास कराकर सेल्स कांट्रेक्ट फार्म पर 7 लाख 55 हजार रुपये लिख दिए, जबकि ग्राहक को 7 लाख 60 हजार रुपये में डील फाइनल की। साथ ही अनिल ने बुकिंग राशि कंपनी के खाते की बजाय अपने खाते में ट्रांसफर कराई। इसके बाद उसने कंपनी में नगद 5 हजार रुपये जमा किए, जबकि 10 हजार की फर्जी रसीद बनाकर ग्राहक को थमा दी। रसीद पर सेल्स एग्जीक्यूटिव फैजान निवासी श्यामनगर मेरठ की थी। दोनों की फाइलें चेक करने पर फर्जी डिस्काउंट के कई अन्य मामले सामने आए।
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एक ने सामान लौटाए बिना इस्तीफा दिया, दूसरे ने धमकाया
लोकेश वर्मा का कहना है कि पोल खुलने पर दोनों कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया। अनिल ने गलती मानते हुए इस्तीफा तो दे दिया, लेकिन वह कंपनी का करीब 40 हजार कीमत का आईपैड व सिम लौटाए बिना चला गया। वहीं, फैजान ने जनरल मैनेजर के केबिन में जाकर वाइस प्रेसिडेंट (विक्रय) और एचआर हेड की उपस्थिति में अभद्रता की और केबिन से बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस बुलाने पर वह फरार हो गया।
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494 कार बेचीं, अधिकांश में मिली गड़बड़ी
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि 2015 से कार्यरत अनिल कुमार ने 305 कारें बेचीं, जबकि 2016 से कार्यरत फैजान 189 कार बेच चुका है। दोनों की फाइलें चेक करने पर अधिकांश में गड़बड़ी मिली। आरोप है कि दोनों कर्मचारी अपने सेल्स हेड से ज्यादा डिस्काउंट पास करवाते और ग्राहकों को कम डिसाकाउंट देकर बाकी रुपये अपने पास रख लेते थे। साथ ही ग्राहकों को फर्जी रसीदें बनाकर देते थे। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कंपनी को करीब चार लाख रुपये की चपत लगाई है। सिहानी गेट एसएचओ कृष्ण गोपाल शर्मा का कहना है कि अनिल और फैजान के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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