फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीसीटीवी में कैद हो रही ओवर स्पीड, नहीं कट रहे चालान

विज्ञापन
विज्ञापन
सीसीटीवी में कैद हो रही ओवर स्पीड, नहीं कट रहे चालान
विज्ञापन

गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ओवर स्पीड जानलेवा साबित हो रही है। स्पीड 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है, लेकिन वाहन 130 की रफ्तार से भी दौड़ रहे हैं। ओवर स्पीड करने वालों में दो बात अहम हैं। पहली ओवर स्पीड रात में अधिक हो रही है। दूसरी निजी वाहन चालक ओवर स्पीड करने वाले अधिक हैं। टैक्सी वाहनों की स्पीड लिमिट तय होती है और उनके वाहन में जीपीएस लगा होता है। एक्सप्रेसवे पर 130 सीसीटीवी यह देख रहे हैं। चालान नहीं काटे जाने की वजह से ओवर स्पीड नहीं रुक रही। पुलिस और एनएचएआई के अधिकारी गेंद एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं।
सराय काले खां से परतापुर के बीच छह लेने का एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है। बीच में लालकुआं के पास चिपियाना रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को छोड़ दें तो पूरा एक्सप्रेसवे यातायात के लिए खोल दिया गया है। अब जैसे ही मेरठ की तरफ जाने के लिए वाहन डासना आरओबी से चढ़ते हैं तो आगे एक्सप्रेसवे चौड़ा है। यहां पर वाहन निर्धारित सीमा से अधिक गति से दौड़ते हैं। एक्सप्रेसवे पर लगाए गए कैमरों में कुछ वाहनों की गति सीमा 130 से 145 किलोमीटर प्रति घंटा तक रिकॉर्ड की गई है। रात के समय ओवर स्पीड अधिक है। एनएचएआई का कहना है कि किसी भी तरह का यातायात नियम तोड़े जाने पर कार्रवाई करने का अधिकारी ट्रैफिक पुलिस के पास है। पुलिस का कहना है कि हम एनएचएआई से लगातार कैमरों का लिंक मांग रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिल रहा है। चालान नहीं कटने की वजह से चालक नियम तोड़ रहे हैं।
विज्ञापन

130 कैमरों की है नजर
एक्सप्रेसवे पर एनएचएआई ने ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) कैमरे लगाए हैं। 130 कैमरे दो पहिया वाहन तक की नंबर प्लेट को स्कैन कर पा रहे हैं। इसके लिए डासना में एकेजी इंस्टीट्यूट के सामने और डासना में ईस्टर्न पेरिफेरल लूप के अंदर कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जिससे हर कैमरे का लिंक दिया गया है। कोई ओवर स्पीड चलाता है, बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट या फिर उल्टी दिशा में वाहन चलाता है तो उसे तत्काल कैमरे पकड़ लेता है। उसकी पूरा रिकार्ड एनएचएआई कंट्रोल रूम के पास है।
- एक्सप्रेसवे पर मोदीनगर क्षेत्र में जितने भी सड़क हादसे हुए हैं। उनमें अधिकांश ओवर स्पीड के रहे हैं। साथ ही शराब पीकर गाड़ी चलाने से भी हादसे हुए हैं। अगर टोल नाकों पर ही वाहन चालकों की जांच हो और ओवर स्पीड पर ऑनलाइन चालान कटने शुरू हो जाएं तो हादसों को कम करने में मदद मिलेगी। - सुनील कुमार सिंह, सीओ मोदीनगर
- एक्सप्रसवे पर एएनपीआर कैमरे लगाए गए हैं जो काफी एडवांस होते हैं। इनकी मदद से वाहन चालक की हर गतिविधि तक पर नजर रखी जा सकती है। हम अप्रैल से एनएचएआई को पत्र लिखकर इन कैमरों के लिंक मांग रहे हैं, लेकिन अभी तक मुहैया नहीं कराया गया, जिसकी वजह से अधिक गति से वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। - रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक
विज्ञापन

- एक्सप्रेसवे पर कैमरे काम रहे हैं। हम कैमरों की मदद से दो पहिया वाहन तक की नंबर प्लेट तक का स्कैन कर पा रहे हैं। अभी मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे ही मंत्रालय से टोल वसूली की स्वीकृति मिल जाती है तो इसका लिंक ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग को भी दिया जाएगा। बाकी उनकी तरफ से जो भी रिकॉर्ड मांगा जाता है, वो उपलब्ध कराया जाता है। - मुदित गर्ग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई
----------------
एक्सप्रेसवे पर हुए प्रमुख हादसे
1. 5 जुलाई को भोजपुर के पास तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर पलटी, तीन दोस्तों की मौत।
2. एक अप्रैल को मोदीनगर क्षेत्र में डेडिकेडिट फ्रेट कॉरिडोर आरओबी के पास दो वाहनों की आमने सामने भिड़ंत हुई।
3. 8 अप्रैल को मसूरी क्षेत्र में एक्सप्रेस में डंपर की टक्कर से दो लोगों की मौत।
4. 30 मार्च को एक्सप्रेसवे खुलने से पहले आमने-सामने से आ रही दो कारें टकराई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें