पार्षदों के विरोध के बावजूद डूडा ने गुपचुप शुरू किया खोखे का आवंटन
गाजियाबाद। पार्षदों के विरोध के बावजूद डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) और नगर निगम ने गुपचुप लोगों को खोखे का आवंटन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने नगर निगम बोर्ड से अनुमति लिए बिना ही कन्या वैदिक स्कूल, घंटाघर के पास सड़क किनारे 29 खोखे रखवा दिए हैं। कोरोना काल में एक तरफ जहां सभी विकास कार्य ठप हैं, वहीं गुपचुप खोखे आवंटित करने का यह मामला तूल पकड़ सकता है। पार्षदों ने निगम और डूडा अधिकारियों पर मनमानी के आरोप लगाए हैं।
डूडा ने कन्या वैदिक स्कूल, नवयुग मार्केट, राजनगर, शास्त्री नगर और वसुंधरा में पांच स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाकर सड़कों के किनारे खोखे आवंटित करने की योजना बनाई थी। इसके नोडल विभाग डूडा ने पांचों स्थानों को चिह्नित किया था। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने से पहले महापौर आशा शर्मा और नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने कन्या वैदिक स्कूल के पास एक खोखा रखवाकर इसका उद्घाटन कर दिया था। इसके बाद टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्य और भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने मीटिंग का कोरम पूरा किए बिना गुपचुप खोखे आवंटित किए जाने के आरोप लगाए थे। इसके बाद डूडा के परियोजना निदेशक व नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर और परियोजना अधिकारी पवन शर्मा ने टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक बुलाई और इन पांचों क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडरों का सत्यापन कराए जाने का निर्णय लिया गया। अब इसकी प्रक्रिया पूरी किए बिना ही डूडा ने फिर से खोखे का आवंटन शुरू कर दिया है। डूडा ने 29 खोखे कन्या वैदिक स्कूल और प्राइमरी स्कूल की दीवार के नीचे रखवा दिए हैं। इस पर पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
नियमों का नहीं किया गया पालन : हिमांशु मित्तल
भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल का कहना है कि नगर निगम और डूडा अधिकारी मिलकर मनमानी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि सड़क पर और साइड पटरियों पर अतिक्रमण नहीं किया जा सकता। यह लोगों के चलने के लिए जगह है। डूडा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर सड़क पटरी पर खोखे आवंटित कर दिए हैं। इस निर्णय के खिलाफ जल्द ही हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करेंगे।
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अभी किराया भी तय नहीं, आवंटन में जल्दबाजी क्यों : राजेंद्र त्यागी
टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्य और भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी का कहना है कि वेंडिंग कमेटी की बीती बैठक में खोखे के लिए आए आवेदनों का सत्यापन किए जाने का निर्णय लिया था। हमने अपने क्षेत्र में सत्यापन कर लिस्ट डूडा को सौंप दी है। टाउन वेंडिंग कमेटी की अगली बैठक में किराया तय करने पर निर्णय होना है। इन खोखे का किराया कितना होगा, उसका भुगतान छमाही होगा या सालाना। इन बिंदुओं पर निर्णय के लिए अगली बैठक बुलाए बिना ही खोखे का आवंटन क्यों किया जा रहा है। अगली बैठक में यह मुद्दा उठाएंगे।