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कर्मचारियों से पैसे लेने और फर्जी हस्ताक्षर करने का चैट वायरल

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कर्मचारियों से पैसे लेने और फर्जी हस्ताक्षर करने का चैट वायरल
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गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग में अधिकारी और कर्मचारी की एक चैट वायरल हो रही है। चैट में कर्मचारियों से पैसे लेकर बिना ड्यूटी हस्ताक्षर करने के आरोप लगाया जा रहा है। मलेरिया विभाग के व्हाट्स एप ग्रुप में मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला सर्विलांस अधिकारी और जिला मलेरिया अधिकारी भी जुड़े हैं। एक मलेरिया कर्मी अपने अधिकारी को ग्रुप चैट में कह रहा है कि डीएमओ सर धमकी किसको देख रहे हो यह भी देख लो, सस्पेंड करोगे या सैलरी रोक दो, कुछ भी कर लो।
कर्मचारी ग्रुप में आरोप लगा रहा है कि सैनिटाइजेशन के नाम पर पैसे का गबन कर गए और बोल रहे हो बदतमीजी मत करो। कर्मचारी चेतावनी भी देता है कि मुझे धमकी न दें तो आपके लिए बेहतर होगा, क्योंकि मैं डरने वाला नहीं हूं। मुझे सरकारी पैसे की गबन करने की आदत नहीं है। मेरा मुंह ज्यादा मत खुलवाओ। यह भी चेतावनी देता है कि आज के बाद फालतू बात मत करना, यह आपके लिए अच्छा होगा। ग्रुप में यह भी कह रहा है कि सीएमओ साहब देख रहे होंगे तो इंक्वायरी करेंगे तो सब पता चल जाएगा कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ बोल रहा है। कर्मचारी यह भी पूछ रहा है कि डीएमओ सर आपकी अटेंडेंस कहां लगती है न तो सीएमओ ऑफिस में लगती है और न ही डीएमओ आफिस में। पंद्रह साल हो गए हैं, इसका क्या मतलब है। कर्मचारी यह भी आरोप लगा रहा है कि पैसे लेने वालों से ड्यूटी बचाकर रखी जाती है, जो पैसे नहीं देता है उसे कई क्षेत्रों में लगा दिया जाता है। इस मामले में जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।
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मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जाएगी कि एक अधिकारी और अधीनस्थ के बीच में इस तरह की बहस क्यों हो रही है? लगाए गए आरोपों की भी जांच कराई जाएगी। - डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
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कोट
मैंने जो भी बात व्हाट्सएप चैट में लिखी है, उसे सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने भी देखा है। मैं ईमानदारी की लड़ाई लड़ रहा हूं। मुझे मोदीनगर, मुरादनगर, पतला, निवाड़ी और डासना का चार्ज दिया गया है, जबकि पैसे लेकर हाजिरी लगवाने वाले कर्मचारी ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त कर दिए गए हैं। मामले की शिकायत शासन से भी करूंगा। - ज्ञानेश्वर त्रिपाठी, मलेरिया इंस्पेक्टर, शिकायतकर्ता
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