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चालीस मिनट तक चला बवाल.... पुलिसवाले तमाशबीन बने रहे

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चालीस मिनट तक चला बवाल.... पुलिसवाले तमाशबीन बने रहे
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गाजियाबाद। गाजीपुर बॉर्डर पर सुबह 10.30 से 11.10 बजे तक बवाल हुआ। पुलिस और पीएसी मौजूद थी लेकिन पुलिसवाले सिर्फ तमाशबीन की भूमिका में रहे। सख्ती करना तो दूर, उन्होंने बीच-बचाव की कोशिश तक नहीं की। इससे पहले जब हाथों में झंडे लिए 10-15 भाजपाई किसानों के मंच के समीप जा रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। इनके मंच के समीप पहुंचते ही हंगामा शुरु हुआ जो
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देखते ही देखते बवाल में बदल गया।भाजपा के प्रदेश मंत्री बनाए गए अमित वाल्मीकि के स्वागत का कार्यक्रम पहले से तय था। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर यह कार्यक्रम गाजियाबाद की लेन की तरफ होना था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अमित वाल्मीकि के आते भाजपाइयों का उत्साह बढ़ गया। उनकी संख्या 500 तक पहुंच चुकी थी। झंडे लहरा रहे थे। इसी बीच गाजियाबाद की लेन पर भीड़ बढ़ती 10-15 कार्यकर्ता यहां से मेरठ लेन की तरफ चले गए। यहीं पर किसानों का मंच है। इन्हें आता देख किसानों में हलचल शुरु हो गई। भाजपाई पार्टी के झंडे लिए थे। किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाए। इसी पर कहासुनी शुरु हो गई। यह बढ़ती गई और बवाल हो गया।
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सुबह 9:30 बजे : प्रदेश मंत्री अमित बाल्मीकि के स्वागत के लिए भाजपाई जमा
हुए। भाजपा पार्षद यशपाल पहलवान अपने साथ 30 से अधिक गाड़ियों में
कार्यकर्ताओं को लेकर वहां पहुंचे
सुबह 10 बजे : भाजपाइयों को झंडे लहराता देख किसान सतर्क हो गए। वे सड़क के
डिवाइडर के नजदीक आ गए। उनके और भाजपाइयों के बीच की दूरी कम हो गई।
सुबह 10:20 बजे - अमित वाल्मीकि के पहुंचते ही उनका जोरदार स्वागत हुआ।
भाजपाइयों की संख्या बढ़कर 500 तक पहुंच चुकी थी। कार्यक्रम गाजियाबाद वाली
लेन पर हो रहा था।
10:30 बजे - स्वागत कार्यक्रम के बीच कुछ भाजपाई डिवाइडर के उस ओर मेरठ
वाली रोड पर किसानों के नजदीक पहुंच गए। उन्हें देख किसान भड़क गए। उन्हें काले झंडे दिखाए।
10.35 बजे - किसानों और भाजपाइयों के बीच कहासुनी हो गई। भाजपाई अपने झंडे
लहरा रहे थे, किसानों ने विरोध प्रदर्शन के लिए काले झंडे दिखाए।
10:40 बजे - भाजपा नेताओं की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। मौके पर मौजूद
पुलिसवालों ने इस घटनाक्रम की जानकारी फोन से अफसरों को दी।
11. 10 बजे - बवाल शांत हुआ। भाजपाई चले गए। और पुलिस बल आ गया। पूरे इलाके
में पैदल मार्च किया गया। किसान भी मंच की तरफ चले गए।
12.0 बजे - राकेश टिकैत ने मंच के समीप किसानों के साथ मीटिंग की। उन्होंने
कहा कि आंदोलन शांतिपूर्वक ढंग से चलाना है। कानून हाथ में नहीं लेना है ।
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